गहलोत ने कहा कि महाराणा प्रताप की जन्मस्थली, कर्मभूमि और समाधि स्थल से जुड़े सभी स्थानों पर मेवाड़ कॉम्प्लेक्स फेज-1 एवं फेज-2 के तहत विभिन्न कार्य करवाए गए हैं ।
बता दें कि, महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर प्रदेषभर में विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रम आयोजित हुए।
महाराणा प्रताप की जयंती पर मुख्य आयोजन उदयपुर में हुआ। सीएम गहलोत ने यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत की।
बता दें कि, ’महाराणा प्रताप बोर्ड’ के गठन की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
इसकी मांग को लेकर लोगों का कहना है कि राजस्थान वीरों की धरा है और राजस्थान ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारी विरासत की महिमा मंडित करने के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए, जिसका नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड होना चाहिए।
लोगों का कहना है कि विश्व में महाराणा प्रताप स्वाभिमान एवं स्वतंत्रता का प्रतीक माने जाते हैं।
वे युवाओं के आदर्श एवं प्रेरणा स्रोत हैं। यह बोर्ड राजस्थान की सभ्यता संस्कृति एवं विरासत को सहेजकर युवाओं को उससे अवगत कराएगा।
ऐसे में कई बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड बनाने की मांग की जा रही थी।