जयपुर | राजस्थान में डॉक्टर और सरकार के बीच चल रहे वॉर की मार जनता पर पड़ रही है। एक और जहां डॉक्टर अस्पताल छोड़कर सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं वहीं अस्पतालों में मरीज दर्द से कहरा रहे हैं।
डॉक्टरों के आंदोलन की ’राह’ पर चलने से ’जनता की राह’ मुश्किल हो गई है। सड़कें जाम हो गई हैं।
पहले राजस्थान सरकार यह निर्धारित करे कि डॉक्टर व्यवसाई हैं या सेवक ?
अगर सेवक हैं तो डॉक्टरों और उनके संस्थानों को Taxes, Regulatory Acts और Consumer Protection Acts से बाहर रखें तथा मुफ्त बिजली, सुरक्षा, न्यूनतम आय गारंटी व कर्ज माफी जैसी अन्य सुविधाएं दे।
अगर डॉक्टर व्यवसाई… pic.twitter.com/tapKLhHdWo