विगत दिनों में सर्विस डिलिवरी सिस्टम में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग द्वारा आमजन की सुविधा के लिए 1 अप्रैल, 2024 से ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीयन पत्र इलेक्ट्रॉनिकली जारी किये जा रहे हैं। परिवहन कार्यालयों को कैशलेस किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु में कमी लाने के लिए बजट में संभाग स्तर पर रोड सेफ्टी टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की गई है।
'आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प को साकार करने के लिए सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को शून्य करने के लिए आगामी 10 वर्षों की सड़क सुरक्षा कार्ययोजना बनाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
बजट में सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले भले मददगार व्यक्ति के लिए प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की गई है।
साथ ही, विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा वेब पोर्टल का शुभारम्भ भी किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति योजना के तहत जयपुर-दिल्ली एवं जयपुर-भरतपुर राजमार्गों तथा 4 राज्य राजमार्गों पर आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया जाएगा।
डॉ. बैरवा ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ वातावरण देने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपये के ई-व्हीकल प्रमोशन फंड का गठन किये जाने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचल में सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढ़ाने के लिए लोक परिवहन सेवा को दूरस्थ गांवों से जोड़ा जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सर्वांगीण रूप से आत्मनिर्भर बनाने एवं महिला सशक्तीकरण के लिए कटिबद्ध है। इसी क्रम में राजकीय प्रशिक्षण संस्थान, रेलमगरा (राजसमंद) में महिलाओं को व्यावसायिक वाहन चलाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर निगम की सभी साधारण एवं द्रुतगामी बसों में राज्य की सीमा में यात्रा करने वाली 6 लाख से अधिक महिला यात्रियों को नि:शुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
डॉ. बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को सस्ती परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्परत है। प्रदेश के 60 से 80 वर्ष तक की आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में 30 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया है।
आमजन को सस्ती, सुरक्षित, आरामदायक एवं आधुनिकतम सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं का लाभ देने के लिए रोडवेज बेड़े में 1300 नई बसें शामिल की जा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इनमें से 300 बसें इलेक्ट्रिक होंगी। उन्होंने कहा कि रोडवेज की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्मिकों की भर्ती भी की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी संकल्परत है। इसके लिए राज्य के विभिन्न बस स्टैंड, डिपो और वर्कशॉप की रिपेयर, मेंटेनेंस तथा जनसुविधा हेतु बजट प्रावधान किये गए हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए 10 जिला मुख्यालयों पर आधुनिकतम सुविधायुक्त बस स्टैंड का निर्माण और 14 स्थानों पर बस स्टैंड सम्बन्धी विकास कार्य करवाये जाएंगे।