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राजस्थान

डूंगरपुर रियासत के पूर्व महारावल महिपाल सिंह पंचतत्व में विलीन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

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महिपाल सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और गुजरात के बड़ौदा अस्पताल में भर्ती थे। सेहत में थोड़ा सुधार आने के बाद उन्हें शुक्रवार को ही वापस डूंगरपुर स्थित उदय विलास पैलेस लाया गया था। यहीं पर उन्होंने शुक्रवार की रात अंतिम सांस ली। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 महिपाल सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और गुजरात के बड़ौदा अस्पताल में भर्ती थे। सेहत में थोड़ा सुधार आने के बाद उन्हें शुक्रवार को ही वापस डूंगरपुर स्थित उदय विलास पैलेस लाया गया था। यहीं पर उन्होंने शुक्रवार की रात अंतिम सांस ली। 
dungarpur former maharawal mahipal singh passed away age of 92
Dungarpur Former Maharawal Mahipal Singh

डूंगरपुर | Mahipal Singh Passed Away: राजस्थान के डूंगरपुर जिले की रियासत के पूर्व महारावल महिपाल सिंह का निधन हो गया। उन्होंने 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। महिपाल सिंह क्रिकेट के प्रसिद्ध खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके राज सिंह डूंगरपुर के बड़े भाई थे. 

महिपाल सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और गुजरात के बड़ौदा अस्पताल में भर्ती थे।

सेहत में थोड़ा सुधार आने के बाद उन्हें शुक्रवार को ही वापस डूंगरपुर स्थित उदय विलास पैलेस लाया गया था। यहीं पर उन्होंने शुक्रवार की रात अंतिम सांस ली। 

शनिवार को राजकीय परम्परा के अनुसार सुरपुर मोक्षधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

उनकी मोक्ष यात्रा आज दोपहर बाद 3 बजे उदयविलास पैलेस से रवाना हुई। जिसमें राजस्थान, गुजरात के राजघराने के लोग भी शामिल हुए। 

महिपाल सिंह के निधन की खबर से राजपूत समाज, डूंगरपुर के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। 

पूर्व महारावल महिपाल सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इसी के साथ क्षत्रिय और सर्व समाज की ओर से भी श्रद्धांजली दी गई। 

बीकानेर की राजकुमारी से हुई थी शादी

राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह के पुत्र थे महिपाल सिंह

महिपाल सिंह राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और महारावल लक्ष्मण सिंह के सबसे बडे पुत्र थे। 

14 अगस्त 1931 को जन्में महिपाल सिंह ने मेयो कालेज अजमेर से प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली के सेंट स्टीफ़न्स कॉलेज़ से ग्रेजुएशन किया। 

महिपाल सिंह की शादी बीकानेर राजघराने की राजकुमारी देव कुंवर से हुई। उनका विवाह बीकानेर रियासत के महाराज बिजय सिंह की पुत्री और महाराजा गंगासिंह की पोती देव कुमारी से हुआ था।महिपाल सिंह के एक पुत्र हर्षवर्धन सिंह है और एक पुत्री कीर्ति कुमारी है। हर्षवर्धनसिंह भाजपा से राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं। 

कीर्ति कुमारी की शादी सिरोही के महाराज कुमारदैवत सिंह से हुई है। महिपाल सिंह के तीन पौतियां और एक पौत्र हैं।

1989 में उनका तिलक दस्तूर किया गया था। 14 अगस्त 1931 को जन्मे पूर्व महारावल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी। इनकी एक पोती शिवात्मिका कुमारी का विवाह राजकोट के राजकुमार जयदीपसिंह से हुआ है और दूसरी त्रिशिखा कुमारी का मैसूर की महारानी हैं। उनका विवाह महाराजा यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वोडेयार से हुआ है। 

प्रिय खेल रहा क्रिकेट

पूर्व महारावल महिपाल सिंह का सबसे प्रिय खेल क्रिकेट रहा। वे क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी और राज क्रिकेट क्लब डूंगरपुर के अध्यक्ष भी रहे। 

राजनीति में भी रहा योगदान

महिपाल सिंह का राजनीति में भी योगदान रहा है। उन्होंने सत्तर से अस्सी के दशक में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले सम्पूर्ण क्रान्ति जन आन्दोलन और कांग्रेस के विरुद्ध बनी जनता पार्टी के डूंगरपुर जिला अध्यक्ष रहें। 

यही नहीं, महिपाल सिंह देश के प्रथम गवर्नर जनरल राजाजी राजगोपालाचारी द्वारा गठित स्वतन्त्र पार्टी के वरिष्ठ नेता भी रहे। तत्कालीन स्वतंत्र पार्टी राजस्थान के प्रदेश महामंत्री बने। 

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