जिला कलेक्टर कार्यालय, बारां द्वारा इस जानकारी के अंतर को कम करने के लिए "सशक्त बारां प्रगति को शक्ति" अभियान की शुरुआत की गई है। इस नवाचार के माध्यम से विशेष योग्यजनों को जागरूक करने और उन्हें आवश्यक सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेष शिविरों में अब तक 1500 से अधिक को मिला लाभ
इस अभियान के तहत 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2024 तक जिले के समस्त ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1500 से अधिक विशेष योग्यजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल चुका है।
इनमें 377 को दिव्यांग प्रमाण पत्र का वितरण, 33 ट्राई साइकिल वितरण, 67 रोडवेज कंसेशन बस पास, 5 श्रवण यंत्र, 19 बैसाखी वितरण, 239 यूडीआईडी रजिस्ट्रेशन, 37 दिव्यांगों के स्वरोजगार के लिए अनूजा, निगम द्वारा आवेदन, 161 लाभार्थियों का आधार व जनाधार में अपडेट सहित 1500 से अधिक विशेष योग्यजनों को लाभ मिला है।

यह शिविर न केवल जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया में भी विशेष योग्यजनों की सहायता कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजन अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अधिकारियों की सहायता से आवश्यक दस्तावेज पूरे कर सकते हैं।
रैंप, नोडल अधिकारी, विशेष रजिस्टर - सरकारी कार्यालयों में सुविधाएं सुनिश्चित
अभियान के तहत दिव्यांगजनों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिले के 122 सरकारी कार्यालयों में रैंप और अन्य सहायक सुविधाओं का निर्माण किया गया है, ताकि दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के कार्यालयों में प्रवेश कर सकें और सेवाओं का लाभ उठा सकें।
प्रत्येक राजकीय कार्यालय में विशेष योग्यजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इन नोडल अधिकारियों द्वारा दिव्यांगजनों का कार्य निस्तारित किया जाएगा और इसकी प्रविष्टि विशेष रजिस्टर में की जाएगी। जिला कलेक्टर द्वारा प्रत्येक माह एक बैठक आयोजित कर इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी दिव्यांगजन की समस्या लंबित न रहे।
अभियान की निरंतरता और भविष्य की योजना
"सशक्त बारां प्रगति को शक्ति" अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक विशेष योग्यजन तक पहुंचना है। इसके लिए हर तिमाही में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता और पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाएगा।
जिला कलेक्टर श्री रोहिताश्व सिंह तोमर ने कहा की दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना हमारी प्राथमिकता है। यह अभियान एक कदम है, जिससे विशेष योग्यजन अपनी चुनौतियों का समाधान पा सकें और समाज में एक सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इस अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता, गरिमा और समावेशिता प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।