बता दें कि, मानटाउन थाना क्षेत्र के सूरवाल गांव में मार्च 2011 में पुलिस इंस्पेक्टर फूल मोहम्मद को जीप में जिंदा जला दिया गया था।
इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने दो बाल अपचारी समेत कुल 89 लोगों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था।
क्या है पूरा मामला ?
सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना क्षेत्र के सूरवाल गांव में 17 मार्च 2011 को लोग मृतका दाखा देवी के हत्यारों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
तभी बनवारी लाल मीना नाम का एक युवक बोतल में पेट्रोल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी दे दी।
काफी सझाइश के बाद भी राजेश मीणा नीचे उतरने को तैयार नहीं था।
उसने पेट्रोल डाल खुद को आग लगा ली और टंकी से नीचे कूद गया।
इस घटना से गुस्साए लोगों ने सूरवाल गांव में तैनात मानटाउन थाने के सीआई फूल मोहम्मद अन्य पुलिस के जवानों पर पथरबाजी कर दी।
लोगों का आक्रामक रवैया देख बचने के प्रयास में फूल मोहम्मद जीप लेकर भागने लगा, लेकिन पत्थर लगने से फूल मोहम्मद घायल हो गए थे।
जिसके बाद लोगों की भीड़ ने जीप को पेट्रोल डालकर आग लगा दी जिसमें फूल मोहम्मद की मौत हो गई।
घटना के बाद राज्य सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।
जांच में सीबीआई ने महेंद्र सिंह कालबेलिया को उक्त हत्याकांड के लिए दोषी माना था। सीबीआई की चार्जशीट में हत्याकांड में पूर्व डीएसपी महेंद्र सिंह कालबेलिया का जुर्म साबित करने में मानटाउन थाने का हिस्ट्री शीटर बदमाश संजय बिहारी सबसे अहम गवाह था, जिसकी गवाही से पहले ही जयपुर में हत्या कर दी गई।