उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, शिक्षा, पोषण, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण तथा पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) जैसे क्षेत्रों में काम करने का अनुभव होता है।
इस बजट पूर्व चर्चा में प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उन्हें आगामी परिवर्तित बजट (changed budget) में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
जनोन्मुखी बजट के लिए एनजीओ (NGO) तथा सिविल सोसायटी (Civil Society) की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार (state government) का प्रयास है कि समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट को समावेशी एवं जनोन्मुखी रूप प्रदान किया जाए। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों (voluntary organizations) तथा सिविल सोसायटी (Civil Society) की भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ की मूल भावना के साथ सभी हितधारकों से आगामी परिवर्तित बजट के लिए उपयोगी फीडबैक (feedback) लिया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार (state government) द्वारा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान, महिलाओं को समान अवसर, गरीब कल्याण, किसानों का सामाजिक-आर्थिक विकास, युवा कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा नशे की प्रवृत्ति से दूर रहे, इसके लिए राज्य सरकार (state government) द्वारा निरंतर जन-जागरूकता से लेकर नशा माफियाओं (drug mafias) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का कार्य किया जा रहा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण, विस्तार तथा सहज उपलब्धता के लिए नीति निर्माण कर रही है।
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधे लगाने का कार्य मिशन मोड (mission mode) पर किया जा रहा है।
बैठक में एनजीओ (NGO), सिविल सोसायटी (Civil Society) तथा उपभोक्ता फोरम (consumer forum) के प्रतिनिधियों ने सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, अवसंरचना विकास, आदिवासी कल्याण, घुमंतू कल्याण, स्वरोजगार, गौसेवा, कचरा प्रबंधन, उपभोक्ता हितों के संरक्षण आदि संबंधित विषयों पर सुझाव साझा किए।
बजट पूर्व संवाद (pre-budget dialogue) में मुख्य सचिव सुधांश पंत, मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अभय कुमार, मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोरा, मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) शिखर अग्रवाल, मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।