उन्होंने कहा कि मेरे परिवार के इस बुरे वक्त में भी कांग्रेस के कार्यकर्ता और पार्षद हमारे साथ खड़े थे। इससे मुझे बहुत हिम्मत और ताकत मिली है।
इसी के साथ मेयर मुनेश ने मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर बोलने से इनकार करते हुए कहा कि मैंने अपना काम ईमानदारी से किया है। सुदर्शन चक्र वाला सब कुछ देख रहा है।
पदभार ग्रहण करने के साथ ही मेयर मुनेश गुर्जर को क्स्ठ ने एक बार फिर नोटिस जारी किया है। इस पर मुनेश ने कहा- इस नोटिस को लेकर मैंने पहले ही स्वायत्त शासन विभाग को जवाब दे दिया था। फिर से इस नोटिस को जारी किया गया है। इस पर नियम अनुसार आगामी कार्रवाई करेंगे।
मेयर मुनेश ने रिश्वत प्रकरण को लेकर कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है।
लेकिन मैं एक बार मुख्यमंत्री गहलोत के पास अपनी व्यथा को लेकर जरूर जाना चाहती हूं।
जब भी मुझे सीएम से मिलने का समय दिया जाएगा, मैं उनसे मिलूंगी और सच्चाई से अपनी बात उनके सामने रखूंगी।
गौरतलब है कि जयपुर हेरिटेज नगर निगम मेयर मुनेश गुर्जर के पति और दो दलालों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जिसके बाद मेयर मुनेश पर भी सवालियां निशान उठ गए थे और गहलोत सरकार ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया था।