जयपुर | आगामी होली का त्योहार जयपुर के रेल यात्रियों के लिए दोहरी खुशी लेकर आने वाला है। शहर के दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों - जयपुर जंक्शन और गांधीनगर जयपुर - पर चल रहे पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार का कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रेलवे प्रशासन की पूरी तैयारी है कि होली के शुभ अवसर के आसपास इन नई सुविधाओं और बहुप्रतीक्षित 'सेकंड एंट्री' को जनता को समर्पित कर दिया जाए। इससे न केवल यात्रियों को स्टेशन के मुख्य द्वारों पर होने वाली भारी भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि स्टेशन तक पहुंचना भी पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
गांधीनगर स्टेशन: 'वर्ल्ड क्लास' सुविधाओं के साथ नया अवतार
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत गांधीनगर स्टेशन को लगभग 211 करोड़ रुपए की लागत से पूरी तरह बदल दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन अब 'फिनिशिंग स्टेज' में है। इसे महज एक रेलवे स्टेशन के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित किया गया है। यहां यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का अनुभव होगा।
मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं:
- सुगम आवाजाही: यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर 8 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर स्थापित किए गए हैं। टोंक रोड से सीधी कनेक्टिविटी के लिए बजाज नगर की ओर बना नया ब्रिज भी उपयोग के लिए तैयार है।
- विशाल कॉनकोर्स: दोनों प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाला 72 मीटर चौड़ा और 2700 वर्ग मीटर का विशाल कॉनकोर्स एरिया बनाया गया है, जहां यात्री ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार 4516 वर्ग मीटर में फैला है, जबकि द्वितीय प्रवेश द्वार 3029 वर्ग मीटर में तैयार किया गया है। इसके अलावा, 7000 वर्ग मीटर में दो मंजिला पार्किंग और 6000 वर्ग मीटर में प्लेटफॉर्म शेल्टर की व्यवस्था की गई है।
- ईको-फ्रेंडली अप्रोच: इसे ग्रीन बिल्डिंग मॉडल पर बनाया गया है, जिसमें ऊर्जा जरूरतों के लिए 1376 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया गया है।
- मनोरंजन और खान-पान: करीब 2200 वर्ग मीटर में फूड कोर्ट, गेम जोन और रेस्टोरेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।