जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी का एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। अब तक ट्रक के गुप्त केबिन में ड्रग्स छिपाने वाले तस्करों ने अब निजी बसों और पार्सल सेवा का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में तस्करों ने मथानिया और सोयला की विश्व प्रसिद्ध हरी मिर्च के भीतर एमडी ड्रग्स और स्मैक छिपाकर हैदराबाद भेजने की कोशिश की।

जानकारी के अनुसार यह पार्सल जोधपुर से हैदराबाद के लिए एक निजी बस में बुक किया गया था। बस के चालक को पार्सल में रखी मिर्चों पर चीरा लगा देख संदेह हुआ। जब उसने गहराई से जांच की तो पाया कि मिर्च के अंदर चमकीले पेपर में लपेटकर ड्रग्स भरी गई थी। तस्करी के इस तरीके की वजह से एक हरी मिर्च की कीमत बाजार में करीब 5000 रुपये तक आंकी जा रही थी।
ड्राइवर ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एनसीबी को इसकी सूचना दी। एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तस्करी का यह पैटर्न बिल्कुल नया और हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि विभाग अब मथानिया और सोयला क्षेत्र से होने वाली पार्सल गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखेगा।