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राजस्थान

कोटा में नशे का जाल, कोचिंग कम हुई: यूडीएच मंत्री खर्रा

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यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा (UDH Minister Jhabar Singh Kharra) ने कहा कि कोटा (Kota) में कोचिंग में कमी का कारण नशे का जाल है। उन्होंने रिवर फ्रंट (River Front) पर डेस्टिनेशन मैरिज (Destination Marriage) के लिए होटल बनाने की बात कही।

HIGHLIGHTS

  1. 1 कोटा में कोचिंग की कमी का मुख्य कारण नशे का बढ़ता जाल है। यूडीएच मंत्री ने रिवर फ्रंट पर डेस्टिनेशन मैरिज के लिए होटल बनाने की घोषणा की। पुलिस ने नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान शुरू किया है। अनधिकृत बहुमंजिला इमारतों पर भी मंथन जारी है।
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JAIPUR | यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा (UDH Minister Jhabar Singh Kharra) ने कहा कि कोटा (Kota) में कोचिंग में कमी का कारण नशे का जाल है। उन्होंने रिवर फ्रंट (River Front) पर डेस्टिनेशन मैरिज (Destination Marriage) के लिए होटल बनाने की बात कही।

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया कि कोटा में कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या में कमी आने का सबसे बड़ा कारण यहां फैला नशे का जाल है। इस गंभीर समस्या के कारण अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे उनके अभिभावकों के मन में कोटा के प्रति कुछ संदेह उत्पन्न हुआ है।

परिणामस्वरूप, कई अभिभावक अपने बच्चों को नए कोचिंग हब की ओर भेजने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। यह स्थिति कोटा के प्रतिष्ठित कोचिंग उद्योग के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान और कोटा का वैभव

मंत्री खर्रा ने बताया कि हाल ही में राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से झुंझुनू जिले में 100 करोड़ रुपये की नशे की एक बड़ी फैक्ट्री का पता लगाकर उसे पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कोटा सहित पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ एक प्रभावी अभियान शुरू किया गया है। हमारा प्रयास है कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से कोटा के माथे पर लगे इस दाग को दूर कर, शहर को वापस अपना पुराना गौरव और वैभव प्राप्त कराया जा सके।

रिवर फ्रंट का विकास: निवेशकों के साथ चर्चा

यूडीएच मंत्री ने कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) और नगर निगम कोटा में आयोजित फॉलोअप शिविर का जायजा लिया और पात्र लाभार्थियों को पट्टे वितरित किए। उन्होंने रिवर फ्रंट के विकास के लिए केडीए प्रशासन की निवेशकों के साथ हुई चर्चाओं और मिले सुझावों का उल्लेख किया।

मंत्री ने स्वीकार किया कि रिवर फ्रंट पर अब तक खर्च हुई भारी राशि हमारे लिए एक 'सफेद हाथी' साबित हुई है। अब सरकार इसे लोगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है, ताकि निवेश का उचित प्रतिफल मिल सके।

कोटा को डेस्टिनेशन मैरिज हब बनाने की पहल

खर्रा ने बताया कि आजकल नव धनाढ्य वर्ग में 'डेस्टिनेशन मैरिज' का एक नया प्रचलन शुरू हुआ है। कोटा रिवर फ्रंट पर एक 10,000 वर्ग मीटर का भूखंड उपलब्ध है, जिस पर हम होटल निर्माण के लिए निवेशकों से गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं।

यहां लगभग 250-300 कमरों के एक बड़े होटल का निर्माण करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बाहर के लोगों को कोटा आकर अपने परिवार के बेटे-बेटियों के विवाह समारोह आयोजित करने के लिए आकर्षित करना है, ठीक वैसे ही जैसे उदयपुर, जोधपुर और रणथंभौर जैसी जगहों पर होता है।

अनधिकृत बहुमंजिला इमारतों पर मंथन जारी

कोटा में बिना नियम-कायदों के बन रही बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई को लेकर मंत्री ने कहा कि यदि हम इस पर बात करना शुरू करेंगे कि किस कालखंड में किन नियमों का उल्लंघन हुआ, तो यह एक बहुत लंबा विचार-विमर्श का दौर शुरू हो जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार किया।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोटा में जो नियम विरुद्ध काम हुए हैं, शायद उसी का दुष्परिणाम रहा होगा कि यहां कोचिंग धीरे-धीरे कम होती जा रही है। जिन लोगों ने इस प्रकार से अनधिकृत हाइराइज बिल्डिंग का निर्माण कर लिया है, उस पर सरकार गहन मंथन और विचार कर रही है ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

केडीए और निगम शिविरों की समीक्षा

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) और नगर निगम कोटा में आयोजित फॉलोअप शिविर में चल रहे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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