सिरोही, 28 नवंबर 2024: महात्मा ज्योतिबा फुले की 134वीं पुण्यतिथि पर माली समाज वेलफेयर सोसायटी सिरोही द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का आयोजन अनादरा चौराहा स्थित पणिहारी गार्डन के पास फुले की प्रतिमा के समक्ष किया गया। इस अवसर पर समाज के बंधुओं ने महात्मा फुले अमर रहें के नारों के साथ उन्हें नमन किया और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
समाज के संरक्षक रघुभाई माली ने महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे 19वीं सदी के महान विचारक, समाजसेवी और क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। उन्होंने समाज सुधार और महिला शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया। फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को भी महिलाओं की शिक्षा के लिए प्रेरित किया और 1848 में महिलाओं के लिए पहला विद्यालय खोला।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिरालाल माली ने सभा में बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले को 1888 में मुंबई में आयोजित एक विशाल सभा में "महात्मा" की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वहीं, श्री घनश्याम माली ने उनकी प्रसिद्ध कृतियों जैसे तृतीय रत्न और किसान का कोड़ा पर चर्चा की।
बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री प्रकाश माली ने सत्यशोधक समाज की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि फुले ने 1873 में दलित और निर्बल वर्ग को न्याय दिलाने के लिए इस संगठन की शुरुआत की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को प्रेरणा लेते हुए सामाजिक सेवा में योगदान देने का आग्रह किया।