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राजस्थान

मंत्री अविनाश गहलोत बोले, राजस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बजट में 30 प्रतिशत की वृद्धि, पेंशन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने महंगाई के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए बजट में वृद्धि की है और इसे 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्य के अनुरूप बनाया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन के लिए राज्य सरकार ने विभाग के बजट में पिछले वर्ष की

HIGHLIGHTS

  1. 1 राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास और सशक्तीकरण के लिए एससीएसपी और टीएसपी फंड्स को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है
  2. 2 आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार, बालिकाओं को संबल तथा परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए पहली बार 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जयपुर, 19 जुलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने महंगाई के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए बजट में वृद्धि की है और इसे 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्य के अनुरूप बनाया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन के लिए राज्य सरकार ने विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है।

गहलोत ने गुरुवार को विधानसभा में मांग संख्या-31 (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब दिया। इस बहस के बाद सदन ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की 1 खरब 18 अरब 72 करोड़ 89 लाख 37 हजार रुपये की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

मंत्री गहलोत ने बताया कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास और सशक्तीकरण के लिए एससीएसपी और टीएसपी फंड्स को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार, बालिकाओं को संबल तथा परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए पहली बार 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए अनुजा निगम और अन्य पिछड़ी जाति विकास निगम के माध्यम से इस वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। पहली बार अनुजा निगम के माध्यम से ईडब्ल्यूएस को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

गहलोत ने आगे बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए कानून तो बना दिया था, लेकिन इसके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं किया गया था। हमारी सरकार ने इसके लिए बजटीय प्रावधान कर वास्तव में जरूरतमंदों को राहत प्रदान की है। विभाग द्वारा 31 मई, 2024 तक समस्त लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान किया जा चुका है और जून 2024 माह का भुगतान भी शुरू हो चुका है।

मंत्री गहलोत ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में पहली बार मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित विशेष योग्यजनों को एक लाख रुपये तक की व्हील चेयर दी जाएगी। इसके अलावा, विभाग के छात्रावासों में रहने वाले बालक-बालिकाओं का मासिक अनुदान 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जिससे 870 छात्रावासों के 41,781 और 39 देवनारायण आवासीय विद्यालयों के 14,957 विद्यार्थियों को लाभ होगा।

उन्होंने बताया कि घुमन्तु समुदाय की पहचान के लिए पहचान प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वोटर आईडी आदि प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए जिलों में घुमन्तु सहायता शिविर लगाए जाएंगे। उनके आवास के लिए मुख्यमंत्री घुमन्तु आवास योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए अम्बेडकर तीर्थ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत उन्हें डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनी से जुड़े स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा।

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