माउंट आबू | राजस्थान का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माउंट आबू इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। बसंत पंचमी के पश्चात जहां मैदानी इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं माउंट आबू में पारा लगातार गिरता जा रहा है। शनिवार की सुबह माउंट आबू वासियों के लिए सबसे ठंडी सुबह साबित हुई, क्योंकि यहां का न्यूनतम तापमान माइनस -7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह इस विंटर सीजन का सबसे कम तापमान है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है।

पहाड़ी क्षेत्र में ठंड का असर इतना व्यापक है कि प्राकृतिक जल स्रोत और कृत्रिम पोखर पूरी तरह से जम चुके हैं। सालगांव और चांदमारी फायरिंग रेंज के आसपास के इलाकों में घास के मैदानों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई नजर आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी के बर्तनों और खुले स्थानों पर रखे पानी के ऊपर बर्फ की मोटी-मोटी परतें जम गई हैं, जो आमतौर पर केवल डीप फ्रीजर में ही देखने को मिलती हैं। विजुअल्स में देखा जा सकता है कि बर्फ की मोटाई इतनी अधिक है कि उसे आसानी से हाथों में उठाया जा सकता है।


