जयपुर | नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा के आत्महत्या मामले में सीबीएसई की ओर से स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्णय पर अब विवाद गहरा गया है। राजस्थान के विभिन्न निजी स्कूल संगठनों ने सीबीएसई के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्कूल संगठनों का तर्क है कि यह निर्णय न्यायसंगत नहीं है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि इससे हजारों परिवारों पर सीधा असर पड़ रहा है।
अभिभावकों की चिंता और बच्चों का भविष्य
सीबीएसई के इस कड़े निर्णय से स्कूल में पढ़ रहे करीब 5500 बच्चों के अभिभावक बेहद चिंतित हैं। अभिभावकों का कहना है कि छात्रा की मृत्यु एक दुखद घटना है और उनके प्रति उनकी पूरी संवेदना है। लेकिन स्कूल की किसी संभावित गलती की सजा हजारों निर्दोष बच्चों को देना किसी भी तरह से उचित नहीं है। अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि सत्र के बीच में इन बच्चों के भविष्य और उनकी पढ़ाई का क्या होगा।