लेकिन दोनों नाबालिंग बहनों को गुढ़ा के सरकारी बंगले के गेस्ट रूम में रूकवाया गया था और वहां एक नाबालिग से बलात्कार किया गया था। जिसके चलते बर्खास्त मंत्री गुढ़ा से पुलिस पूछताछ करेगी।
गुढ़ा ने कहा था, मुझे जेल में डालना चाहते हैं
गुढ़ा ने कहा था कि मैं सरकार को नहीं, सरकार मुझे ब्लैकमेल कर रही है। मुझ पर केस पर केस लगाए जा रहे हैं। सीएम गहलोत मुझे जेल में डालना चाहते हैं।
अगर मुझे जेल भेजा गया तो मैं चुप नहीं रहूंगा। मेरी जगह कोई ओर लाल डायरी का राज खोलेगा।
आपको बता दें कि इससे पूर्व भी पुलिस की टीम सादा कपड़ों में और प्राइवेट गाड़ी लेकर उनके सरकारी बंगले पर पहुंची थी और उनके स्टाफ से पूछताछ की थी, हालांकि तब गुढ़ा बंगले पर नहीं मिले थे वे बाहर थे।
दरअसल, जोधपुर में दर्ज पॉक्सो के एक मामले नाबालिग के दुष्कर्म में आरोपियों की जोधपुर में गिरफ्तारी की जांच करने के बाद पुलिस यहां आई थी।
2 जुलाई को पीपाड़ थाने में नाबालिग से दुष्कर्म और किडनैपिंग का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में जोधपुर की पीपाड़ सिटी पुलिस टीम ने गुढ़ा के बंगले पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे और स्टाफ से पूछताछ की थी।
गुढ़ा ने बचाई थी गहलोत की कुर्सी
आपको बता दें कि राजेंद्र सिंह गुढ़ा वहीं नेता हैं जिन्होंने अशोक गहलोत की कुर्सी बचाने के लिए 5 एमएलए अपने साथ लाए थे और उन्हें समर्थन दिया था।
लाल डायरी से किया गहलोत सरकार में भ्रष्टाचार का दावा
बर्खास्त मंत्री गुढ़ा ने दावा भी किया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने लाल डायरी के इन पन्नों में सीएम के बेटे और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भवानी सामोता सहित अन्य लोगों से लेन-देन का जिक्र है।