खेड़ली | राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली कस्बे में रविवार को 'पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम' का भव्य आयोजन हुआ। इस महासमागम में 10 जिलों की 39 विधानसभा क्षेत्रों से आए 30 हजार से अधिक लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ा। कृषि उपज मंडी में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के दिग्गजों ने हुंकार भरते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण के मुद्दों पर अपनी मांगें रखीं।
EWS आरक्षण पर कड़ा रुख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्ति सिंह बांदीकुई ने कहा कि आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में EWS आरक्षण लागू कराना क्षत्रिय समाज का प्रमुख मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से पहले इस पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा, अन्यथा समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। समाज ने एक स्वर में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर के साथ EWS आरक्षण को मजबूत करने की मांग उठाई।

महासमागम की प्रमुख मांगें
महासमागम के दौरान समाज ने सात सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
- पूर्वी राजस्थान में क्षत्रिय समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना।
- EWS आरक्षण को वर्तमान 10% से बढ़ाकर 20% करना।
- पंचायत राज व स्थानीय निकाय चुनावों में EWS आरक्षण अनिवार्य रूप से लागू करना।
- केंद्र स्तर पर EWS प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाना।
- क्षत्रिय इतिहास से छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त कानून बनाना।