राज्य सरकार द्वारा शहर में स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने और उनके मार्गदर्शन के लिए आई-स्टार्ट योजना के तहत युवाओं को उद्योग लगाने व रोजगार के साधन मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सरकार ने एक ओर बढ़ा फैसला लेया है इसके तहत महिलाओं की 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखी जाएंगी। जो केवल ओर केवल महिलाओं को मिलेगा।
ऐसा करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बिजनेस में महिलाओं की भागदारी को बढ़ाना है। आई स्टार्ट में जितने रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं, उनके लिए नई पॉलिसी आई है। प्रदेश के सरकारी इंक्यूबेशन सेंटर्स में 10 प्रतिशत सीटें केवल महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
दरअसल, सरकार ने प्रीमियर, ग्लोबल स्टुडेंट स्टार्टअप , इनोवेशन सेंटर, कैपेसिटी बिल्डिंग व अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए 5 करोड़ का फंड रखा है। राजस्थान में एक्सेलरेटर प्रोग्राम चलाने के लिए इंक्यूबेट, एंजल इंवेस्टर्स जैसे दूसरे संस्थानों को 35 लाख की ग्रांट दी जाएगी।
इसके लिए सरकार ने एक शर्त भी रखी है कि इसमें कम से कम 30% स्टार्टअप्स राजस्थान में स्थापित हों। इंक्यूबेटर के साथ सरकारी स्कूल व कॉलेजों में इंटरप्रिन्योरशिप सेल स्थापित करने के लिए 15 लाख ग्रांट दी जाएगी।