जयपुर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स को खास गुणवत्ता वाले रेयर अर्थ मैटेरियल के कारण दुनिया के सबसे समृद्ध खजानों में से एक बताया जा रहा है। यहां इलेक्ट्रिक कार, मोबाइल और रॉकेट से लेकर न्यूक्लियर पावर तक के लिए कच्चा माल मौजूद है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
देश के प्रमुख संस्थानों की नई रिपोर्ट के अनुसार, सिवाना में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) का औसत घनत्व अन्य स्थानों की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक दर्ज किया गया है। जहां सामान्यतः यह 100 से 200 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) होता है, वहीं सिवाना में यह बहुत अधिक पाया गया है। यह खोज भारत को इनके उत्पादन में आत्मनिर्भरता दिलाने और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सिवाना की चट्टानों में रेयर अर्थ की प्रचुरता
रिपोर्ट बताती है कि सिवाना की चट्टानों में आरईई की प्रचुर मात्रा है। उदाहरण के लिए, यहां नियोबियम की मात्रा 246 से 1681 पीपीएम और जिरकोनियम की मात्रा 800 से 12,000 पीपीएम तक दर्ज की गई है। ये तत्त्व आधुनिक तकनीक और उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।