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राजस्थान

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर: जयपुर समेत कई जिलों में बारिश, शेखावाटी में ओलावृष्टि से बदला मौसम

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राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जयपुर, अजमेर और शेखावाटी में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। मौसम विभाग ने तापमान में भारी गिरावट की चेतावनी दी है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 पुष्कर में 13 मिमी बारिश दर्ज शेखावाटी में ओलावृष्टि, जयपुर में पारा 8 डिग्री तक गिरा रबी फसलों के लिए बारिश लाभदायक।
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जयपुर | राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अजमेर जिले के पुष्कर में सर्वाधिक 13 मिमी बारिश हुई है। इसके साथ ही राज्य के कुछ हिस्सों में कोहरा भी देखा गया। चित्तौड़गढ़ में सर्वाधिक तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन आगामी दिनों में कड़ाके की ठंड की वापसी होने वाली है।

तापमान में गिरावट और शीतलहर का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। जयपुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके 24 और 25 जनवरी को 6 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है। 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बीकानेर, शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभागों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ फिर से बारिश की स्थिति बन सकती है।

शेखावाटी में ओलावृष्टि और मावठ

शेखावाटी क्षेत्र में गुरुवार से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। सीकर और आसपास के इलाकों में हुई मावठ ने ठंड बढ़ा दी है, वहीं रींगस सहित कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी खबरें हैं। मौसम विभाग ने 24 जनवरी तक इस क्षेत्र में बारिश की संभावना जताई है।

किसानों के लिए वरदान और चिंता

यह मावठ की बारिश रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों, चना और जौ के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इससे फसलों की पैदावार में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश अत्यधिक होती है या ओलावृष्टि जारी रहती है, तो फसलों के गिरने और उनमें रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है। जलभराव की स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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