मृतक अजीत चौधरी रूस की बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर का छात्र था। उसके पिता धर्म सिंह ने गहरे दुख के साथ बताया कि 19 अक्टूबर को आखिरी बार अजीत से सामान्य बातचीत हुई थी। तब सब कुछ सामान्य लग रहा था और किसी अनहोनी का कोई संकेत नहीं था। खेती-किसानी करने वाले इस परिवार का अजीत इकलौता बेटा था, जिस पर परिवार का भविष्य टिका था। उसके अचानक लापता होने और फिर शव मिलने की खबर से उसकी मां की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।
दोस्त के बुलाने पर निकला था हॉस्टल से
परिजनों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को अजीत एक दोस्त के बुलाने पर अपने हॉस्टल से निकला था। इसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं चला। कई दिनों तक तलाश के बाद भी जब अजीत का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ती गई। बाद में नदी किनारे उसके कपड़े और जूते मिले, जिससे अनहोनी की आशंका और गहरी हो गई। लगभग 18 दिन बाद, 6 नवंबर को व्हाइट रिवर से सटे एक बांध में उसका शव मिला, जिसने परिवार की उम्मीदें तोड़ दीं।
आत्महत्या की थ्योरी पर परिवार ने उठाए सवाल
अजीत के परिवार का कहना है कि छात्र के कपड़े उसके शरीर से अलग मिले, जो आत्महत्या की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। परिजनों का मानना है कि यदि अजीत ने आत्महत्या की होती, तो उसके कपड़े शरीर के साथ ही होते। कपड़ों का अलग मिलना किसी साजिश या हत्या की ओर इशारा करता है। परिवार ने इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि अजीत की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।