साध्वी के पिता विरमनाथ ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की तबीयत अस्पताल में डॉक्टर द्वारा दिए गए एक 'गलत इंजेक्शन' के बाद तेजी से बिगड़ी। विरमनाथ ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी स्वस्थ थी, लेकिन गलत उपचार ने उसकी जान ले ली। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए किसी भी तरह की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हूं। मुझे बस न्याय चाहिए और मेरी बेटी के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए।
संत समाज में भारी रोष
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के बाद मेवाड़ महामंडलेश्वर ईश्वरीय नंदगिरी सहित कई प्रतिष्ठित संतों ने इस घटना पर गहरा दुख और संदेह व्यक्त किया है। संतों का मानना है कि जिस तरह से साध्वी की मृत्यु हुई, वह सामान्य नहीं लगती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल बोर्ड के जरिए विस्तृत जांच की जाए ताकि यह साफ हो सके कि आखिर अस्पताल में उस रात क्या हुआ था। संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
दूसरी ओर, अस्पताल के डॉ. प्रवीण जैन ने इन आरोपों पर अपनी सफाई पेश की है। उनके अनुसार, बुधवार शाम जब साध्वी को अस्पताल लाया गया था, तब वे पहले से ही अचेत अवस्था में थीं। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उपचार का उन पर कोई सकारात्मक असर नहीं हुआ। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने प्रोटोकॉल के तहत ही इलाज किया था। अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि क्या इंजेक्शन ही मौत का तात्कालिक कारण था या कोई अन्य चिकित्सकीय जटिलता।
भजन गायिकी के क्षेत्र में थी बड़ी पहचान
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान की एक प्रतिष्ठित भजन गायिका थीं। उनकी आवाज और भजनों ने लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई थी। वे न केवल धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहती थीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय मुखरता से रखती थीं। उनके निधन से मारवाड़ क्षेत्र के संगीत और आध्यात्मिक जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड्स को कब्जे में ले लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विसरा जांच और अन्य टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या वास्तव में किसी दवा या इंजेक्शन का रिएक्शन हुआ था। राजस्थान की जनता और साध्वी के अनुयायी अब केवल उस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं जो इस 'डेथ मिस्ट्री' से पर्दा उठाएगी।