कबड्डी मैदान की हालत बेहद खराब थी। जगह-जगह पत्थर, कंक्रीट और विकास कार्य के टुकड़े पड़े हुए थे।
खेल से पहले कोई साफ-सफाई नहीं कराई गई थी, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे। खेल के दौरान एक बच्ची के घुटने में पत्थर लगने से खून बहने लगा।
अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाही

मीडिया ने जब एसडीएम से इस अव्यवस्था को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। खेल रही बालिकाओं से पूछने पर एक बच्ची ने कहा कि वे बोलेंगी तो उनकी कौन सुनेगा, सर ने खेलने को कहा है।
बच्ची के चोटिल होने के बाद, मीडिया को देखकर पीटीआई ने मामला बिगड़ने की बात कहते हुए खेल कुछ समय के लिए समाप्त करवा दिया। यह घटना अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करती है।

व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
हैरानी की बात यह थी कि पॉइंट लिखने के लिए उचित पेपर भी नहीं था और रफ पेपर से काम चलाया जा रहा था। बैनर में नगर पालिका सांचौर का नाम होने के बावजूद मैदान की सफाई, मेडिकल टीम, एंबुलेंस और पुलिस व्यवस्था नदारद थी।
सांसद लुंबाराम चौधरी ने फोन पर बताया कि वे एसडीएम से जानकारी लेकर इस मामले में अवगत कराएंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने खेल महोत्सव की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।
