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राजस्थान

जालौर में बालक की मौत के आरोपी शिक्षक छैलसिंह को जमानत

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राजस्थान के जालौर जिले में करीब एक साल पहले मटके से पानी पीने पर मारपीट के आरोपों में एक विद्यार्थी की मौत के मामले में शिक्षक को जमानत मिल गई है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 राजस्थान के जालौर जिले में करीब एक साल पहले मटके से पानी पीने पर मारपीट के आरोपों में एक विद्यार्थी की मौत के मामले में शिक्षक को जमानत मिल गई है।
teacher chail singh bailed in surana matki case accused of dalit student death in jalore
Jalore Surana Matki Case

जालौर | Surana Matki Case: प्रदेश में काफी चर्चा में रहा सुराणा मटकी प्रकरण एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। 

राजस्थान के जालौर जिले में करीब एक साल पहले मटके से पानी पीने पर मारपीट के आरोपों में एक विद्यार्थी की मौत के मामले में शिक्षक को जमानत मिल गई है।

न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे आरोपी शिक्षक छैलसिंह को जमानत दे दी गई है। 

आरोपी शिक्षक छेलसिंह करीब एक साल बाद जेल से बाहर आया है। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से पेश की गई चार्जशीट में मटकी का कहीं भी उल्लेख नहीं था।

स्कूल में नौ साल के एक दलित छात्र इन्द्र मेघवाल को मटके से पानी पीने को लेकर मारपीट के मामले में शिक्षक जेल में बंद था। 

शिक्षक की पिटाई से बालक की उपचार के दौरान हो गई थी। जिसके बाद इस मामले में जबरदस्त तूल पकड़ लिया था। 

बच्चे की मौत के बाद परिवार वाले शव के साथ प्रदर्शन पर उतर गए थे। 

ये है पूरा मामला

जालौर विधानसभा की सायला तहसील के सुराणा गांव में एक निजी विद्यालय की तीसरी कक्षा में 9 साल का दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल पढ़ रहा था।

आरोप है कि विद्यालय के संचालक और शिक्षक छैलसिंह ने पिछले साल 20 जुलाई को छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की इसलिए पिटाई कर दी थी कि उसने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। 

छैलसिंह की पिटाई से छात्र इंद्र कुमार मेघवाल के कान और आंख में चोट आई थी। 

जिसके बाद बच्चे को अस्पताल में कई दिनों तक भर्ती रहना पड़ा था। 

परिवार वालों ने इस मामले में पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। जिसमें कहा गया था कि बालक ने मटकी से पानी पिया तो शिक्षक छैलसिंह ने उसे नीची जाति का कहकर पिटा, जिससे उसके दाहिने कान और आंख पर अंदरूनी चोटें आई। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से पेश की गई चार्जशीट में मटकी का कहीं भी उल्लेख नहीं था।

जिसके चलते बालक का 23 दिन तक अलग-अलग जगह इलाज चलता रहा, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बालक ने अहमदाबाद में दो दिन भर्ती रहने के बाद इलाज के दौरान 13 अगस्त को दम तोड़ दिया।

दलित छात्र इंद्र कुमार की मौत के बाद परिजनों ने सायला पुलिस थाने में शिक्षक छैलसिंह के ख़िलाफ़ शिकायत दी। इसके बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की गई।

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