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राजस्थान

विवाहिता तलाकशुदा बता कर RPSC को चुना लगाना चाहती थी, अब होगी जाँच

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अजमेर में कार्यरत थर्ड ग्रेड अध्यापक की ओर से व्याख्याता (lecturer) बनने के लिए फ्रॉड करने का मामला सामने आया है। पति का आरोप है कि महिला अध्यापक ने शादी शुदा होने के बावजूद खुद को तलाकशुदा बताया। इस मामले में शिक्षा विभाग भी जांच कर रहा है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 मधु कुमारी जोरासिया का विवाह अरविन्द चौरडिया (arvind chouradiya) जयपुर निवासी के साथ 22 जून 2014 को हुआ और तलाक 4 नवम्बर 2019 को हुआ। तलाक के बाद पुनर्विवाह 11 अगस्त 2020 को उसके साथ हुआ।
the married woman tried to take a high class job by misleading the commission by claiming that she was divorced
राजस्थान लोक सेवा आयोग

अजमेर | अजमेर में कार्यरत थर्ड ग्रेड अध्यापक की ओर से व्याख्याता (lecturer) बनने के लिए फ्रॉड करने का मामला सामने आया है। पति का आरोप है कि महिला अध्यापक ने शादी शुदा होने के बावजूद खुद को तलाकशुदा बताया। इस मामले में शिक्षा विभाग भी जांच कर रहा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।

शिव कॉलोनी कुन्दन नगर अजमेर निवासी डॉ.अनिल कुमार जाटावत (anil kumar jatawat) ने बताया-उसकी पत्नी मधु कुमारी (madhu kumari) जोरासिया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटाज, केसरपुरा में थर्ड ग्रेड टीचर है। मधु कुमारी जोरासिया का विवाह अरविन्द चौरडिया (arvind chouradiya) जयपुर निवासी के साथ 22 जून 2014 को हुआ और तलाक 4 नवम्बर 2019 को हुआ। तलाक के बाद पुनर्विवाह 11 अगस्त 2020 को उसके साथ हुआ।

कैसे बनाया आयोग को गुमराह 

पुनर्विवाह होने के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा, प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) वर्ष 2018-19 विषय भूगोल की काउंसिलिंग में 8 अक्टूबर 2020 को तलाक कोटे से भाग लिया, काउंसिलिंग में भरे गए फार्म एवं शपथ पत्र में खुद को तलाकशुदा बताया। जबकि वह पुनर्विवाहित थी। 

उसके बाद मधु कुमारी जोरासिया ने अलवर गेट थाना अजमेर में 5 फरवरी 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें उसने पति होना बताया गया तथा अजमेर पारिवारिक न्यायालय में मामला चल रहा है।

विवाहित होने पर भी पूर्व तलाक की डिक्री से आयोग को जानबूझकर गुमराह कर उच्च श्रेणी की नौकरी चाहने का प्रयास किया है जो राजकीय कार्मिक के द्वारा गम्भीर श्रेणी का अपराध है। 

पति ने नियुक्ति के समय फर्जी जाति सर्टिफिकेट (cast certificate) का भी आरोप लगाया। रिपोर्ट में ये भी बताया कि शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, उस शिकायत पर शिक्षा विभाग द्वारा जांच कमेटी गठित की गई, जिसमें जांच अधिकारी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मकरेडा (GSSS makaroda) अजमेर को बनाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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