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राजस्थान

अलवर में पर्यटन विकास समीक्षा बैठक

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केंद्रीय मंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि अलवर जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल प्रचुर संख्या में है

HIGHLIGHTS

  1. 1 केंद्रीय मंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि अलवर जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल प्रचुर संख्या में है
tourism development review meeting at the resort
अलवर में पर्यटन विकास समीक्षा बैठक

जयपुर । केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मंगलवार को अलवर के मिनी सचिवालय सभागार में सरिस्का बाघ परियोजना से विस्थापन एवं अलवर जिले के पर्यटन विकास आदि विषयों के संबंध में समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि अलवर जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल प्रचुर संख्या में है, संबंधित विभागीय अधिकारी सकारात्मक भाव के साथ एक टीम के रूप में जिले के पर्यटन विकास के साथ-साथ चहुंमुखी विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि अलवर को भविष्य के सुन्दर स्थल के रूप में विकसित करावे।

उन्होंने वन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों से जिले के विकास के लिए सकारात्मक सुझाव लिये। उन्होंने सरिस्का बाघ परियोजना से शेष रहे गांवों एवं परिवारों के विस्थापन हेतु संबंधित गांवों एवं परिवारों के लोगों से समन्वय कर उन्हें केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले पैकेज एवं मूलभूत सुविधाओं से अवगत कराकर विस्थापन हेतु उनकी सहमति बनाई जावे।

उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विस्थापन के विषय के संबंध में राज्य सरकार स्तर पर समन्वय स्थापित करे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विस्थापन हेतु तिजारा के गिदावडा रूंध में चिन्हित की गई 700 हैक्टेयर भूमि की अनापत्ति पर्यावरण विभाग से लेने हेतु अविलम्ब आवेदन करें।

उन्होंने विस्थापित हो चुके परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ दिलाने व उन्हें खातेदारी अधिकार दिलाने का कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीएसी) द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट की सिफारिशों की पालना समयबद्ध रूप से करावे एवं वन विभाग की भूमि का अमल-दरामद करावे।

बैठक में जिले के पर्यटन विकास हेतु वन, राजस्व एवं पर्यटन विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाने जिसमें सरिस्का के आसपास के लोगों को प्रशिक्षण दिलाना, ईको ट्यूरिज्म, बर्ड वाचिंग पॉइंट चिन्हित कर विकसित कराने, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाईवे से सरिस्का को जोडने की बजट घोषणा अमलीजामा पहनाने, टाईगर डेडिकेटेड म्यूजियम के प्रस्ताव, भर्तृहरि बाबा धाम के विकास के प्रस्ताव, वन क्षेत्र से जूली फ्लोरा हटाने, प्लास्टिक फ्री जोन हेतु कार्य योजना बनाकर अमल में लाने, सिलीसेढ झील को रामसर साइट के प्रस्ताव पर कार्य करने, सरिस्का के आसपास के पर्यटन स्थलों व जिले के पर्यटन स्थलों का संरक्षण आदि के प्रस्ताव तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अर्पणा अरोडा, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के सचिव गोविन्द सागर भारद्वाज सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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