दौसा |
नीट धांधली: पायलट ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
सचिन पायलट ने नीट धांधली पर केंद्र सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
HIGHLIGHTS
- सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
- उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
- पायलट ने कहा कि खरगे और राहुल गांधी कोई आतंकवादी नहीं हैं, जिन्हें सड़क पर घसीटा गया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया।
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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीट धांधली और युवाओं के मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया तानाशाही पूर्ण है।
पायलट का केंद्र पर बड़ा हमला, मांगा इस्तीफा
सचिन पायलट ने लाखों-करोड़ों नौजवानों के सपनों को बर्बाद करने की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
'खरगे और राहुल कोई आतंकवादी नहीं'
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पायलट ने कहा कि राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कोई आतंकवादी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी उन्हें सड़क पर घसीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्षी नेता लोक कल्याण मार्ग पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे तो इसमें गलत क्या था?
उन्होंने मांग की कि सरकार को आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज एफआईआर और झूठे मुकदमे तुरंत वापस लेने चाहिए।
'हिंदू-मुसलमान की राजनीति अब नहीं चलेगी'
पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा, "जो इस दमनकारी सरकार की नीतियों के खिलाफ हैं, हम सब उसके साथ हैं।"
उन्होंने कहा कि इसमें कोई दल, कोई विचारधारा या कोई पार्टी की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी राजनीति करने का बहुत समय है, लेकिन आज हमें छात्रों के जख्मों पर मरहम लगाना है और युवाओं को विश्वास देना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश के नौजवानों का विश्वास हमारी व्यवस्था से उठ जाएगा, तो देश के लिए बड़ा संकट पैदा होगा।
पायलट ने कहा, "भाजपा वाले इस बात को समझ नहीं रहे। वे समझ रहे हैं कि बस प्रचार करके, लोगों को जुमले देकर और हिंदू-मुसलमान की बात करके लोगों का वोट बटोरते रहेंगे। यह बहुत लंबा चलने वाला नहीं है।"
पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाक के नीचे छात्रों, निर्दोष लोगों और लड़कियों के साथ इस प्रकार की बर्बरता की गई है।
पायलट ने कहा कि सरकार को अपना घमंड छोड़कर वास्तविकताओं पर जमीन पर उतरना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल किया कि धरने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर नहीं बैठे, तो कहां बैठते।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर बात में तो पहल करते हैं, लेकिन इतने बड़े मुद्दे पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है।
पायलट ने कहा कि अभी भी राहुल गांधी पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। विपक्ष के नेता के तौर पर अगर वह अपनी मांग रखते हैं तो प्रधानमंत्री को उसे सुनना चाहिए।
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