जयपुर। शौर्य संस्कार सेवा संगठन की ओर से जोबनेर रोड स्थित बधाल हैरिटेज में आयोजित 25 दिवसीय समर कैंप का समापन समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक बनाना रहा।
बेटियों का शौर्य प्रदर्शन: समर कैंप में बेटियों ने दिखाए तलवारबाजी के जौहर
शौर्य संस्कार सेवा संगठन के 25 दिवसीय कैंप का समापन, 100 से ज्यादा बच्चियों ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया।
HIGHLIGHTS
- शौर्य संस्कार सेवा संगठन द्वारा 25 दिवसीय समर कैंप का आयोजन।
- 100 से अधिक बच्चियों ने आत्मरक्षा और तलवारबाजी का प्रशिक्षण लिया।
- विधायक बालमुकुन्दाचार्य समेत कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
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समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रानी सा शाहपुरा, विधायक एवं हाथोज धाम पीठाधीश बालमुकुन्दाचार्य , बस्सी रानी सा, पूर्व फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत, दातार सिंह बधाल, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीषा राजावत तथा दिलीप सिंह मेहरौली उपस्थित रहे। अतिथियों ने बालिकाओं के साहस, अनुशासन एवं प्रशिक्षण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन की संस्थापिका विजय लक्ष्मी शेखावत ने की, जबकि समर कैंप का नेतृत्व डिंपल राठौड़ ने किया। इस अवसर पर खुशी नरुका, दिव्यांशी राठौड़ सहित 100 से अधिक बालिकाओं ने तलवारबाजी, दंड संचालन एवं सेल्फ डिफेंस का प्रभावशाली प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगालय के संस्थापक आशुतोष सक्सैना ने सभी प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित फर्नेंद्र शास्त्री द्वारा संस्कृत श्लोकों के उच्चारण एवं गणेश वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन मधु शेखावत ने किया। वहीं राजकंवर, पुष्पा कंवर, दीपा कंवर, कृष्णवी, याचिका एवं कृतिका ने समर कैंप के दौरान टीम के संरक्षण एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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समापन समारोह में संगठन की संस्थापिका विजय लक्ष्मी शेखावत ने बताया कि इस 25 दिवसीय समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति सक्षम बनाना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया।
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