जयपुर | राजधानी जयपुर के फल बाजारों में आम की मिठास अब और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश से दशहरी और लंगड़ा आम की बंपर आवक शुरू होने से कीमतों में भारी गिरावट आई है। मुहाना मंडी में रोजाना सैकड़ों टन आम पहुंच रहा है, जिससे आम प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं।
आम के दाम गिरे!: जयपुर में यूपी के आमों की बहार, 30% तक गिरे दाम
जयपुर की मुहाना मंडी में यूपी से दशहरी और लंगड़ा आम की बंपर आवक, थोक भाव में 30% की गिरावट।
HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश से रोजाना 600 टन आम की आवक।
- थोक भाव में 30% तक की भारी गिरावट।
- दशहरी और लंगड़ा आम ₹20 से ₹60 किलो तक।
- आंध्र प्रदेश और गुजरात से आवक में कमी।
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यूपी के आमों से गुलजार हुई मुहाना मंडी
मुहाना मंडी के फल व्यापारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से आम की आवक ने बाजार की रौनक बढ़ा दी है। रोजाना लगभग 500 से 600 टन आम की खेप मंडी पहुंच रही है।
इनमें लखनऊ, फर्रुखाबाद, बरेली, और मलिहाबाद जैसे क्षेत्रों के प्रसिद्ध दशहरी और लंगड़ा आम शामिल हैं। इस बंपर आवक का सीधा असर आम के थोक भाव पर पड़ा है।
व्यापारियों ने बताया कि कीमतों में लगभग 30 फीसदी तक की कमी आ गई है, जिससे आने वाले दिनों में दाम और टूटने की उम्मीद है।
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विभिन्न किस्मों के दामों में आई गिरावट
फिलहाल, मुहाना मंडी में दशहरी और लंगड़ा आम थोक में 20 रुपए से 60 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। हालांकि, अच्छी क्वालिटी के गोल्डन दशहरी आम के भाव 100 से 130 रुपए किलो तक बने हुए हैं।
जयपुर शहर में रोजाना करीब 90 से 100 टन आम की खपत हो रही है। बाकी आम को आसपास के कस्बों और शहरों में भेजा जा रहा है।
आंध्र प्रदेश और गुजरात से आवक हुई कम
एक तरफ जहां यूपी से आम की आवक बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश और गुजरात से आने वाले आमों की मात्रा घट गई है।
आंध्र प्रदेश से आने वाले सफेदा, तोतापुरी और सिंदूरी आम की आवक अब कम हो गई है। व्यापारियों का अनुमान है कि सफेदा आम की आवक करीब 15 दिन और चलेगी। इसी तरह, गुजरात से आने वाले केसर आम की आवक भी बहुत कम हो गई है।
थोक और खुदरा भाव में बड़ा अंतर क्यों?
थोक में दाम कम होने के बावजूद खुदरा बाजार में आम डेढ़ से दो गुना महंगे बिक रहे हैं। इस पर लालकोठी मंडी के एक फल व्यापारी ने अपनी बात रखी।
रामबाबू ने बताया, "थोक में कच्चा आम आता है, उसे पकाने में ही 2 से 3 दिन लग जाते हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चे भी जुड़ जाते हैं, जिससे रिटेल में दाम बढ़ जाते हैं।"
बाजार में दशहरी आम 50 से 100 रुपए किलो, जबकि लंगड़ा 60 से 80 रुपए किलो तक बिक रहा है। वहीं, केसर और हापुस जैसी किस्में अभी भी 150 रुपए से ऊपर के भाव पर हैं।
कुल मिलाकर, यूपी से आम की आवक बढ़ने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। थोक भाव में गिरावट का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार पर भी दिखने की उम्मीद है, जिससे इस गर्मी में लोग आम का भरपूर आनंद ले सकेंगे।
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