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85 खबरें मिलीं

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Sirohi: शोक की सियासत और जश्न का 'स्नेहमिलन': वाह रे राजस्थान!

सियासत का नया 'शोक': सिर्फ़ सोशल मीडिया पोस्ट तक!अब आप ही बताइए, राजनीति में संवेदनशीलता क्या सिर्फ़ सोशल मीडिया पोस्टों तक ही सीमित रह गई है? नेता 'श...

otaram dewasi birthday news in sirohi blog by pradeep beedawat
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सद्भावों की संकल्पना- रक्षाबंधन: रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ: स्नेह और सद्भाव का पर्व

नई दिल्ली. भारतीय संस्कृति का अद्भुत पर्व रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) श्रावणी पूर्णिमा पर भाई-बहन के स्नेह और सद्भाव की भ...

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राष्ट्र सेवा के प्रतीक: माणकचंद जी: पाथेय पुरुष माणकचंद जी: राष्ट्र सेवा को समर्पित जीवन

जयपुर. लेखिका नीलू शेखावत ने कुछ समय पूर्व पाथेय पुरुष माणकचंद जी (Pathya Purush Manakchand Ji) से मुलाकात की, जिन्होंने...

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प्रदीप बीदावत की कलम से: यह समय तर्क की तलवारें भांजने का नहीं

अहमदाबाद विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह समय राजनीतिक बयानबाज़ी या मीडिया की सनसनी का नहीं, बल्कि मौन...

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अंबेडकर और महाराजा: एक अनोखा बंधन: महाराजा गायकवाड़ ने अंबेडकर को दी शिक्षा की राह

बड़ौदा. 4 जून 1913 को बड़ौदा महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ (Maharaja Sayajirao Gaekwad) ने एक 22 वर्षीय युवक (young man) को...

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पाठ्यक्रम-3 स्त्री उद्धार: उन्नीसवीं सदी में स्त्री दशा और समाज सुधार आंदोलन का सच

दिल्ली. उन्नीसवीं सदी में भारत (India) की स्त्री दशा (condition of women) और समाज सुधार (social reform) आंदोलनों को लेकर...

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पाठ्यक्रम-2 समाज सुधार या समाज संघर्ष: पाठ्यक्रम में सती प्रथा का गलत चित्रण, समाज में विद्वेष बीज

जयपुर. नीलू शेखावत (Nilu Shekhawat) ने सती प्रथा (Sati Pratha) के पाठ्यक्रम (curriculum) में चित्रण पर सवाल उठाए हैं. उन...

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पाठ्यक्रम-1: आरबीएससी पाठ्यक्रम में पलायनवादी कविता

जयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की कक्षा आठ की हिंदी किताब 'वसंत' में 'हम दीवानों की क्या हस्ती' कविता (poe...

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नीलू शेखावत की कलम से: दौड़ बू (बहू) दीवाळी आयी

दीवाळी आती हुई तो बड़ी अच्छी लगती है पर जो लोग इसे लेकर आते हैं उनका जी जानता है। सबसे ज्यादा हालत खराब स्त्रियों की और...

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नीलू की कलम से: कृष्ण में आकर्षण

कृष्ण का अर्थ अब एक सांवला सलोना शिशु है जो माखन से सने मुख और हाथों संग मंद-मंद मुस्करा रहा है, वह बालक जो वनराजि के मध...

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मिथिलेश के मन से: युग की समयावधि क्या होती है

फिल्मी दुनिया से जुड़े पुरुष गायकों में यह सर्फ जिन चुनिंदा लोगों को हासिल है, उनमें पंकज उधास भी आते हैं- ऐसा हमारी जान...

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मिथिलेश के मन से: सवाल जो पूछा जाना चाहिए

पूर्वी पाकिस्तान के जो बाद में बांग्लादेश बना, नागरिकों को पश्चिमी पाकिस्तान खास तौर पर वहां की पंजाबी कम्युनिटी किसी भी...

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मिथिलेश के मन से : रोज़ रोज़ मरना बनाम सूली चढ़ना

वैलेंटाइन तो सूली चढ़े शरीरी प्रेम की वकालत में। लेकिन मीरा? मीरा को उम्र भर अदेखे प्यार की सजा मिली और आज भी, इक्कीसवीं...

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