शंकर परणीजे
आज से पांच दस -साल पहले तक स्त्रियों में इतनी उत्सुकता थी कि बेचारी दुल्हन घूंघट उठा उठाकर हैरान हो जाती थी। इतने से भी...
पेशे से शिक्षिका! राजस्थान विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रही हैं और लिखती हैं जन की बात मन की भाषा में। फेसबुक पर बौद्धिक चेतना के शिखर वाले वर्ग में नीलू खूब पढ़ी जाती हैं। जड़ों से जुड़े विषयों पर मौलिक लेखन जो सीधा पाठक का जुड़ाव कराता है। नीलू अपने लेखन में शब्दों से तस्वीर उकेरती हैं, जो पढ़ने वालों की आंखों के रास्ते मन में उतर जाती है।
आज से पांच दस -साल पहले तक स्त्रियों में इतनी उत्सुकता थी कि बेचारी दुल्हन घूंघट उठा उठाकर हैरान हो जाती थी। इतने से भी...
जिस शुभ दृश्य को देखने के लिए सूर्य अपनी गति रोक दे वह घटना साधारण तो नहीं हो सकती। अयोध्या, तिस में भी में राम लला का ज...
मेरी दृष्टि में रवींद्र इस रोग से बचे हुए थे। उन्होंने और उनकी टीम ने जमकर परिश्रम किया और सेव उगा दिया। प्रैक्टिकल लोगो...
क्षत्रिय जाति सदा से ही शक्ति की उपासक रही है। किंतु राजस्थान में पवित्र चारण कुल में जन्मीं शक्ति साधिकाएं भी शक्तिस्वर...
सर्दियों में इन क्यारों में खड़े पाणत्या की स्थिति क्या होती होगी और गर्मियों में कील्या की दशा की कल्पना सहज संभव नहीं।...
कल से एक खुशखबरी जिसने देश के प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक तक को रोमांचित किया है और खासकर राजस्थान के लोगों की खुशी थ...
प्रिय इंडिया प्रेमियों! एक राजा हुए हमारे यहां, नाम था भरत। उन महाप्रतापी भरत का समस्त लोकों को गुंजायमान करने वाला विजय...
गंगा को परिभाषित कर पाना कठिन है,इसलिए नहीं कि वह गंगा है बल्कि इसलिए कि वह प्रवाहमती है। प्रवाह को कोई क्या नाम देगा? ब...
सोशल मीडिया के दौर से पूर्व तक लेखक और पाठक में पर्याप्त दूरी हुआ करती थी। पाठक लेखक को विभोर होकर पढ़ा करते थे। पाठक के...
इसी जहर के शिकार हुए अधिकांश राजे-रजवाड़े और एक बहुआयामी व्यक्तित्व जो न केवल योग्य प्रशासक थे अपितु जबरदस्त आत्मविश्वा...
एक लड़की खुशी से अपने फोन में अपने मारवाड़ी प्रेमी का फोटो दिखाती है जिससे भविष्य में विवाह करना चाहती है। हमारा पडौ़सी...
राजपूत की रेखाएं बड़े रूखेपन से खींची गई है। उसके एक हाथ में तलवार तो दूजे हाथ में कस्सी-कुल्हाड़ी रही। युद्धकाल में तलव...