नीलू की कलम से: हंगामा क्यूं है बरपा...
कुशल शासन प्रबंधन पढ़ाना ही है तो राजपूताना का पढ़िए जहां के शासकों ने भीषण युद्धों में जन-धन की अनवरत हानि सहते हुए भी...
कुशल शासन प्रबंधन पढ़ाना ही है तो राजपूताना का पढ़िए जहां के शासकों ने भीषण युद्धों में जन-धन की अनवरत हानि सहते हुए भी...
मारवाड़ को लेकर ढूंढाड़ में बड़े ही तिरस्कार भरे लोकमत प्रचलित रहे है. ढूंढाड़ी मारवाड़ के लिए कहते आए है कि काया के काल...
एक जमाना था जब इन पर तेजा, चिरजां और फागण बजते थे। हिंदी गीत-संगीत नहींवत् बजता है इनपर, कह लीजिए अघोषित बहिष्कार। लेकिन...
लोकेंद्र सिंह जी अकसर गोठ में आते थे इसलिए उन्हें ज्यादा देखने-सुनने का मौका ही न मिल पाता क्योंकि अधिकांश राजपूत घरों...
गांवों के टाबरों के और खासकर पहले के टाबरों के संग्रह में रेडिमेड खिलौने बहुत सीमित होते। अपने खिलौने हम स्वयं तैयार करत...
दो साल ऐसे थोड़े बिताये हैं हमने राजस्थान में। 2006 से 2008 तक। ढेर सारी यादें हैं। ढेर सारे बहाने हैं। 17 मार्च तक राजस...
एक और चीज जिसमें हमने फूल को जिंदा रखा वह है-'फूल्या'। वही फूल्या जो ज्वार और मक्की को तिड़काकर बनाए जाते हैं। वही फूल्...
मसला और मुल्क जो भी हो चर्चा जावेद अख्तर की ही होती हैं। ना गीतों में ना गजलों में और बयानों में तो हरगिज ही जावेद अख्तर...
ठाकर साब आपको याद है? काळे-धोळे मिंयों ने माड्याणी (जबरदस्ती) लड़ाई मांड ली। आपकी कालवी घोड़ी (काला तगरा) जिसके बिना आप...
इस लंबी अवधि ने जानियों (बारातियों) की स्मृति में विभ्रम उत्पन्न किया,जनेती गांव का नाम भूल गए। 'टोल्डो-टोल्डो' करते करत...
हम जब आपरेशन पर उतरेंगे तो नौटंकी के तुम्हारे सारे ठाठ धरे रह जाएंगे, तुम्हारे तमाम परदों के चीथडे़ उड़ जाएंगे और जगह नह...
सात हजार रुपए चोरी हुए हैं, लेकिन पत्र पढ़ने के बाद दुकान मालिक किसी तरह का मुकदमा नहीं चाहता। थाना प्रभारी का कहना है क...
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से जुड़े मामलों पर राजस्थान में प्रसिद्ध लेखक ब्लॉगर नीलू शेखावत की एक टिप्पणी
दो- ढाई कमरों वाली उस जगह में सोफे होंगे, कालीन बिछी होगी, दीवार पर कुछ मेडल होंगे, कंहरती हुई कोई दीवाल घड़ी होगी, कोई...
उर्दू में गिरहबंदी की परंपरा बहुत समृद्ध रही है। जानते हैं, जिस मिसरे के पेशेनज़र यह ग़ज़ल कही गयी, वह मिसरा मूल रूप से...