शिक्षा नगरी या सुसाइड हब: कोटा में 5 घंटे में दो छात्रों ने किया सुसाइड, एक ने बिल्डिंग से लगाई छलांग, दूसरा झूला फंदे से

कोटा में 5 घंटे में दो छात्रों ने किया सुसाइड, एक ने बिल्डिंग से लगाई छलांग, दूसरा झूला फंदे से
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राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कई प्रयासों के बावजूद भी छात्रों के सुसाइट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। 
सिर्फ अगस्त माह में ही चार स्टूडेंट्स द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद एक बार फिर से मात्र 5 घंटे के अंतराल में ही 2 और छात्रों ने मौत को गले लगा लिया है। 

कोटा |  पूरे देश में मेडिकल और आईआईटी में छात्रों का भविष्य निखारने वाला राजस्थान का कोटा शहर स्टूडेंड्स के लिए सुसाइड हब भी बनता जा रहा है। 

कोटा में पिछले कुछ महीनों में स्टूडेंट्ड के सुसाइड मामलों के बढ़ने से शिक्षा नगरी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 

राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कई प्रयासों के बावजूद भी छात्रों के सुसाइट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।  सिर्फ अगस्त माह में ही चार स्टूडेंट्स द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद एक बार फिर से मात्र 5 घंटे के अंतराल में ही 2 और छात्रों ने मौत को गले लगा लिया है। 

अगर पूरे साल की बात की जाए तो इस साल कोटा में अब तक 21 स्टूडेंट्स सुसाइड कर चुके हैं। ये प्रशासन और राज्य सरकार के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कोटा में लगातार बढ़ रहे सुसाइड मामलों को लेकर चिंता जता चुके हैं। 

रविवार को दो छात्रों ने टेस्ट सीरीज में कम नंबर आने के बाद मौत को अपनी राह बना लिया। 

एक ने बिल्डिंग से लगाई छलांग, दूसरा फंदे से झूला

कोटा पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर को महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाले छात्र आविष्कार संभाजी कासले ने कोचिंग इंस्टीट्यूट की छठी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी।

आविष्कार संभाजी कासले की उम्र मात्र 16 साल थी और वह कोटा के तलवंडी इलाके में 3 साल से रह रहा था। 

आविष्कार यहां नीट की तैयारी कर रहा था। वह रविवार को रोड नंबर 1 स्थित कोचिंग इंस्टीट्यूट में टेस्ट देने के लिए आया था।

वहीं दूसरी ओर, शाम को कुन्हाड़ी के लैंडमार्क एरिया में रहने वाला कोचिंग छात्र आदर्श अपने कमरे में फंदे से लटका मिला। 

पुलिस  के अनुसार, 18 साल का आदर्ष बिहार के रोहिताश्व जिले का रहने वाला था और कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। 

वह पिछले 4 महीने पहले ही पढ़ाई के लिए कोटा आया था। 

कलेक्टर ने लगाई कोचिंग्स में टेस्ट लेने पर रोक

कोटा में बढ़ रही आत्महत्याओं को देखते हुए जिला कलेक्टर ने दो महीने के लिए कोचिंग्स में टेस्ट लेने पर रोक लगा दी है।

पीजी या हॉस्टल्स और कोचिंग में स्प्रिंग-लोडेड पंखे

कोटा में स्टूडेंट्स के लगातार बढ़ रहे सुसाइड मामलों के बाद प्रशासन पिछले महीने ही कोटा के हॉस्टल्स, पीजी और कोचिंग सेंटर्स जैसे स्थानों पर स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाने की कवायद भी शुरू की थी।

दरअसल, कोटा में शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से आए छात्र-छात्राएं यहां पीजी या हॉस्टल्स में आकर रूकते हैं। 

ये इसी भी कारणवश यहां पंखे से फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लेते हैं। 

ऐसे में कोटा में स्टूडेंट्स के आत्महत्या के मामलों को कम करने के लिए कोटा के सभी छात्रावासों और पीजी में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाए गए हैं। 

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