New Delhi | देश में एक अक्टूबर से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। बैंक लोन से लेकर यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) के नियमों, रेल टिकट बुकिंग और गैस सिलेंडर की कीमतों तक, ये बदलाव विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं एक अक्टूबर से कौन-कौन से प्रमुख नियम बदल गए हैं और इनका आप पर क्या असर होगा।
1 अक्टूबर से बदले ये नियम: 1 अक्टूबर से बैंक लोन, UPI, गैस सिलेंडर और रेल टिकट बुकिंग में बड़े बदलाव, जानिए आप पर क्या होगा असर
1 अक्टूबर से देश में कई बड़े नियम बदल गए हैं, जिनमें बैंक लोन, यूपीआई भुगतान, रेल टिकट बुकिंग और गैस सिलेंडर के दाम शामिल हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
HIGHLIGHTS
- बैंक अब ग्राहकों को फिक्स्ड से फ्लोटिंग ब्याज़ दर पर स्विच करने का विकल्प देंगे। UPI पर 'पैसे मांगने' (कलेक्ट रिक्वेस्ट) की सुविधा बंद, अब सिर्फ सीधे पैसे भेजे जा सकेंगे। रेलवे में आधार-प्रमाणित यूज़र्स को शुरुआती 15 मिनट में टिकट बुकिंग में प्राथमिकता मिलेगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 15 रुपये तक महंगा हो गया है। नॉन-गवर्नमेंट NPS सब्सक्राइबर अब 100% इक्विटी में निवेश कर सकेंगे।
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बैंक लोन के नियमों में बदलाव
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों को फ्लोटिंग रेट पर लोन की ब्याज़ दर तय करने की आज़ादी दे दी है। फ्लोटिंग रेट ऐसी ब्याज़ दर होती है जो बाज़ार की स्थितियों या किसी सूचकांक के साथ घटती-बढ़ती रहती है। एक अक्टूबर से बैंक अपने ग्राहकों को यह विकल्प भी दे सकेंगे कि वे अपनी मर्ज़ी से फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट सेटअप से फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट सेटअप में स्विच कर सकें। यह कदम ग्राहकों को अपनी वित्तीय ज़रूरतों के अनुसार ब्याज़ दर चुनने में अधिक लचीलापन प्रदान करेगा।
UPI भुगतान के नियम
एक अक्टूबर से यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) के पेमेंट नियमों में एक बड़ा बदलाव आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने पीयर-टू-पीयर 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या 'पुल ट्रांज़ैक्शन' सुविधा को बंद कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब यूज़र फ़ोन पे, गूगल पे या पेटीएम जैसे ऐप्स पर किसी से पैसे मांगने (रिक्वेस्ट करने) की सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। अब सिर्फ़ डायरेक्ट पुश ट्रांसफ़र यानी सीधे पैसे भेजने की सुविधा ही उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यूज़र की सुरक्षा बढ़ाना और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है।
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नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में नए नियम
सरकारी कर्मचारियों के लिए, यूनिफ़ाइड पेंशन स्कीम (UPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में से एक चुनने का विकल्प 30 सितंबर 2025 तक था। इस समय सीमा के बाद दोनों स्कीम के बीच बदलाव की अनुमति नहीं होगी। वहीं, नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत मल्टीपल स्कीम फ़्रेमवर्क (MSF) में अपनी पूरी पेंशन राशि का 100 फ़ीसदी हिस्सा इक्विटी से जुड़ी योजनाओं में लगा सकेंगे। पहले इसकी सीमा 75 फ़ीसदी थी। इसके अलावा, परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) खोलने और उसे मेंटेन करने की फ़ीस में भी बदलाव किया गया है। सरकारी कर्मचारियों के लिए ई-पीआरएएन किट की फ़ीस 18 रुपये और फिजिकल पीआरएएन कार्ड की फ़ीस 40 रुपये होगी। निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र के सब्सक्राइबर्स के लिए यह फ़ीस अलग-अलग होगी।
रेल टिकट बुकिंग के नियम
भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग के दुरुपयोग को रोकने और प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक अक्टूबर से नए नियम लागू किए हैं। अब रिजर्वेशन खुलने के शुरुआती 15 मिनट में सिर्फ़ आधार-प्रमाणित यूज़र्स को रिज़र्व्ड जनरल टिकट बुक करने में प्राथमिकता मिलेगी। रेल मंत्रालय के सर्कुलर के अनुसार, "पहले 15 मिनट में आरक्षित जनरल टिकट केवल आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर आधार ऑथेंटिकेशन के बाद ही बुक किया जा सकेगा।" यह कदम टिकट दलालों पर लगाम लगाने में मदद करेगा।
गैस सिलेंडर के दाम
हर महीने की तरह, इस बार भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतें संशोधित हुई हैं। हालांकि, घरेलू गैस के सिलेंडरों की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया है। एक अक्टूबर से कमर्शियल सिलेंडर महंगा हो गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का दाम 15 रुपये तक बढ़ा दिया है, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम
ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और खिलाड़ियों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए भी नए नियम लागू किए जा रहे हैं। इन नियमों में आयु सीमा (रियल मनी से जुड़ी गेमिंग के लिए 18 वर्ष से ऊपर) और लाइसेंस संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि सरकार ने इंडस्ट्री के साथ कई दौर की बातचीत की है और परामर्श आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। ये नियम ऑनलाइन गेमिंग को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने में मदद करेंगे।
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