जनता और पुलिस समन्वय कार्यशाला: आबू रोड में जनता और पुलिस के बेहतर संबंधों के लिए ब्रह्माकुमारीज में आयोजित हुई कार्यशाला

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Highlights

  • जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
  • माउण्ट आबू और आबू रोड के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने लिया हिस्सा।
  • ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मनमोहिनीवन स्थित ग्लोबला ऑडिटोरियम में हुआ कार्यक्रम।
  • पुलिसकर्मियों को व्यवहार में सहजता और सरलता लाने के लिए किया गया प्रेरित।

आबू रोड | राजस्थान के सिरोही जिले के आबू रोड में स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मनमोहिनीवन परिसर में पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्लोबला ऑडिटोरियम में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दक्षता के साथ कार्य करने के गुर सिखाए गए। इस कार्यशाला में क्षेत्र के विभिन्न थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संस्थान की इस पहल का स्वागत किया।

पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता

कार्यशाला के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए माउण्ट आबू के उपपुलिस अधीक्षक गोमाराम ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की छवि जनता के साथ उसके व्यवहार पर टिकी होती है। जब भी कोई पीड़ित व्यक्ति पुलिस थाने पहुंचता है तो वह न्याय की बड़ी उम्मीद लेकर आता है। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों का आचरण सहज और सरल होना चाहिए ताकि फरियादी अपनी समस्या को बिना किसी हिचकिचाहट के रख सके।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस द्वारा किया गया एक भी गलत व्यवहार विभाग के वर्षों के अच्छे कार्यों पर पानी फेर सकता है। हमें अपने व्यवहार को लोगों के प्रति हितैषी बनाना चाहिए जिससे हर कोई अपनी बात निडरता से कह सके। ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा किया गया यह आयोजन निश्चित तौर पर पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने में लाभदायी सिद्ध होगा।

सामाजिक आईना है पुलिस बल

ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस बल समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है और लोग उन्हें एक रक्षक के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन और हमारे कर्म ही दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं। समाज का प्रत्येक नागरिक पुलिस के कार्यों और उनके व्यवहार को बहुत बारीकी से देखता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम अपने कर्तव्यों का पालन करते समय मानवीय संवेदनाओं का भी पूरा ध्यान रखें ताकि किसी को ठेस न पहुंचे।

मानसिक शांति और कर्मों का प्रबंधन

कार्यक्रम के दौरान मोटिवेशनल स्पीकर बीके चन्दा ने पुलिसकर्मियों को तनाव प्रबंधन और कर्मों की महत्ता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी बेहद चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है लेकिन यदि हम आंतरिक रूप से शांत रहें तो बेहतर परिणाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति अपने कर्मों के लिए स्वयं उत्तरदायी है इसलिए कार्यस्थल पर हर निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए।

कार्यक्रम में गणमान्य जनों की सहभागिता

इस गरिमामय कार्यक्रम में आबू रोड थाना सदर के सीआई प्रदीप डागा, माउण्ट आबू के सीआई दलपत सिंह, शहर थानाधिकारी हरचन्द देवासी और रिको थाना इंचार्ज लक्ष्मण सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के जनसम्पर्क अधिकारी बीके कोमल ने सभी का स्वागत किया। संस्थान द्वारा की गई इस पहल की सभी पुलिस अधिकारियों ने सराहना की और इसे भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।

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