Highlights
- महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि 19 जनवरी को मनाई जा रही है।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें स्वाभिमान की अद्वितीय मिसाल बताया।
- अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
जयपुर | राजस्थान के गौरवशाली इतिहास के प्रतीक और मेवाड़ के वीर शासक महाराणा प्रताप की आज 19 जनवरी को पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित राज्य के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 'मेवाड़ मुकुट' और वीर शिरोमणि बताते हुए कहा कि उनका जीवन स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रधर्म की एक अद्वितीय मिसाल है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से महाराणा प्रताप को नमन किया। उन्होंने लिखा कि मातृभूमि के गौरव के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले महान योद्धा से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। गहलोत ने युवाओं से उनके त्याग और देशभक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उनके अनुसार, प्रताप का साहस देश और समाज के लिए समर्पित होने की सीख देता है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी महाराणा प्रताप को शौर्य और साहस की जीवंत मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि प्रताप का स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थानी पंक्तियों 'हूं लड्यो घणो हूं सह्यो घणो, मेवाड़ी मान बचावण नै' के माध्यम से उनके संघर्ष को याद किया। डोटासरा ने कहा कि मेवाड़ रत्न ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया।
महाराणा प्रताप की अमर गाथाएं आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने जीवन भर मातृभूमि की आन-बान-शान की रक्षा हेतु संघर्ष किया। उनकी वीरता और त्याग की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाती रहेंगी। पूरा प्रदेश आज इस महान आत्मा के बलिदान और पराक्रम को नमन कर रहा है।
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