Highlights
- जालोर बार एसोसिएशन के चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए।
- खसाराम परिहार को अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया।
- विक्रम सिंह सचिव और मनमोहन कोषाध्यक्ष बने।
- सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों का वकीलों ने स्वागत किया।
जालोर: जालोर बार एसोसिएशन के चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए, जिसमें खसाराम परिहार को अध्यक्ष चुना गया। विक्रम सिंह सचिव और मनमोहन कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
गुरुवार को जालोर बार एसोसिएशन के चुनाव शांतिपूर्ण और निर्विरोध तरीके से संपन्न हो गए। सुबह 10 बजे से 11 बजे तक वकीलों के बीच गहन चर्चा के बाद सभी पदों पर सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
निर्विरोध चुनाव की प्रक्रिया
बार एसोसिएशन जालोर चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की प्राप्ति के बाद गुरुवार को कचहरी परिसर में उनकी जांच की गई। इस दौरान वकीलों ने आपस में लंबी चर्चा की और कई उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लेने का फैसला किया।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार महिपालसिंह, उपाध्यक्ष पद के हरीश कुमार उर्फ हरियाराम, सचिव पद के तरूण सिद्धावत, सह-सचिव पद के महेन्द्र सी मुणोत और कोषाध्यक्ष पद के पुखराज माली ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए। इस आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण माहौल के कारण सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संभव हो सका।
नव निर्वाचित पदाधिकारी
वकीलों की सहमति के बाद जालोर बार-एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर खसाराम परिहार को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। यह फैसला सभी सदस्यों के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया।
अध्यक्ष के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ। उपाध्यक्ष पद पर अशोक कुमार माली, सचिव पद पर विक्रमसिंह, सहसचिव पद पर फरमान अली, कोषाध्यक्ष पद पर मनमोहन, सहकोषाध्यक्ष पद पर महेश कुमार रजक और पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर ज्योत्सना राजपुरोहित को चुना गया।
अध्यक्ष का शांतिपूर्ण संदेश
नव निर्वाचित पदाधिकारियों का वकीलों ने माला और साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर नए अध्यक्ष खसाराम परिहार ने सभी का आभार व्यक्त किया और अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
उन्होंने कहा कि जालोर का बार-एसोसिएशन हमेशा से एक शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक संघ रहा है। उन्होंने सभी वरिष्ठ वकीलों के आदेशानुसार काम करने और सभी सदस्यों को साथ लेकर चलने का वादा किया।
खसाराम परिहार ने यह भी कहा कि वे संघ के सभी सदस्यों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। इस दौरान अभिभाषक संघ के सभी सदस्य और वकील मौजूद रहे, जिन्होंने नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
राजनीति