SANCHOR RANIWARA: बाल विवाह सामाजिक अभिशाप और कानूनी अपराध

बाल विवाह सामाजिक अभिशाप और कानूनी अपराध
बाल विवाह सामाजिक अभिशाप और कानूनी अपराध
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बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह सामाजिक अभिशाप ओर कानूनी अपराध है 

रानीवाड़ा  | (टीकम पाल)विधिक सेवा प्राधिकरण जालोर के आदेशानुसार व तालुका विधिक सेवा समिति रानीवाड़ा के अध्यक्ष शालीनी चौधरी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत मालवाडा के गांव फतापुरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पिएलवी चन्दु लाल भील ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह सामाजिक अभिशाप ओर कानूनी अपराध है 

किसी भी व्यक्ति ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बाल विवाह में सहयोग किया तो 2 साल की जेल और एक लाख रूपए तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। इसलिए सभी लोग मिलकर बाल विवाह नहीं करने का संकल्प लें और बाल विवाह पर पुर्ण रुप से रोक लगाए। इसके साथ ही शिविर में माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम, लोक अदालत,स्थाई लोक अदालत प्रिलिटिगेशन सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित मनरेगा मेट कोकु ,खेमाराम, गेनाराम सहित अन्य श्रमिक भी उपस्थित थे।

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