Highlights
- राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जालोर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
- समारोह में मार्च पास्ट की सलामी ली गई और विभिन्न विभागों की झांकियां प्रदर्शित की गईं।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के विकास और लोक कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया गया।
- स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन हुआ।
जालोर | जालोर जिले में 77वें गणतंत्र दिवस का पावन पर्व राष्ट्रभक्ति और अपार उत्साह के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित शाह पूंजाजी गेनाजी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का विधिवत शुभारम्भ किया। ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया और परेड कमाण्डर सीआई लीलसिंह के नेतृत्व में मार्च पास्ट की सलामी ली। इस गरिमामय अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया, पूर्व विशेष योग्यजन आयुक्त धन्नाराम पुरोहित और निवर्तमान प्रधान नारायण सिंह राजपुरोहित सहित प्रशासनिक अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जिलेवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार आमजन के कल्याण और प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन और सेवा के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गर्ग ने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नीतिगत निर्णय ले रही है, जिससे सामाजिक सुरक्षा, ऊर्जा, पेयजल और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं।
मुख्य सचेतक ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'पंच गौरव योजना' पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक जिले की विशिष्ट विरासत और पारिस्थितिकी के अनुरूप एक उत्पाद, एक उपज, एक वनस्पति, एक खेल और एक पर्यटन स्थल को चिह्नित कर विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त करने के लिए 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना' लागू की गई है, जो जिलों को उनकी पहचान के आधार पर स्वावलंबी बना रही है। उन्होंने अटल प्रगति पथ, एग्री क्लिनिक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण जैसी उपलब्धियों को भी साझा किया।

सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का विवरण देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाने की बात कही। विशेष रूप से किसान कल्याण के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र की सहायता के अतिरिक्त 3 हजार रुपये की वार्षिक राशि प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया गया। समारोह के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेश मेवाड़ा ने राज्यपाल के संदेश का पठन किया, जिसमें राज्य की प्रगति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा का आह्वान किया गया था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। मूक बधिर आवासीय विद्यालय के छात्रों ने 'सबसे आगे होंगे हिन्दुस्तानी' गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने लोक नृत्य के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति की छटा बिखेरी, जबकि सेन्ट पॉल स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत नृत्यों की प्रस्तुति दी। जालोर पब्लिक स्कूल के स्काउट गाइड द्वारा बनाए गए मानव पिरामिड आकर्षण का केंद्र रहे। नेहरू युवा केन्द्र के कलाकारों ने पारंपरिक 'गैर नृत्य' के माध्यम से जालोर की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत किया। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई झांकियों ने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्रदान की।
पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टोलियों और विभागों को सम्मानित किया गया। मार्च पास्ट में एनसीसी की टुकड़ी प्रथम रही, जबकि व्यायाम प्रदर्शन में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय शांति नगर ने बाजी मारी। झांकी प्रदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उप विजेता श्रेणी में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रताप चौक ने मार्च पास्ट और व्यायाम दोनों में दूसरा स्थान प्राप्त किया, वहीं रसद विभाग की झांकी दूसरे स्थान पर रही। जिले में सराहनीय कार्य करने वाली विभूतियों और संस्थाओं को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन रणजीत प्रजापत और निशा एम. कुट्टी ने किया।

एक विशेष ऐतिहासिक क्षण के रूप में, राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्टेडियम में उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया। इस दौरान गीत के ऐतिहासिक महत्व की उद्घोषणा भी की गई। मुख्य समारोह से पूर्व, कलेक्ट्रेट में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया ने ध्वजारोहण किया। उपखण्ड और तहसील स्तर पर भी ध्वजारोहण के कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुए, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
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