Highlights
- राजस्थान के 23 जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।
- कड़ाके की ठंड के कारण प्रदेश के 27 जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित।
- श्रीगंगानगर में दिन का तापमान चित्तौड़गढ़ की रात की सर्दी के बराबर रहा।
- अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में कड़ाके की सर्दी जारी रहने का अनुमान है।
जयपुर | राजस्थान के 23 जिलों में गुरुवार को घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड का अलर्ट दिया है।
सीकर, झुंझुनूं और जयपुर सहित 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर समेत 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी है।
बढ़ती ठंड को देखते हुए राज्य के 27 जिलों में स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। जोधपुर में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है।
प्रदेश में दिन और रात का तापमान बराबर
राजस्थान में इन दिनों दिन के समय भी रात जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। श्रीगंगानगर में बुधवार को दिन का तापमान चित्तौड़गढ़ की रात के बराबर दर्ज किया गया।
राजधानी जयपुर में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। जयपुर शहर शेखावाटी के फतेहपुर, पिलानी और चूरू से भी अधिक ठंडा महसूस किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक सर्दी का यही दौर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में ठिठुरन और भी बढ़ने की संभावना जताई गई है।
फतेहपुर में विजिबिलिटी हुई कम
सीकर के फतेहपुर में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से दिल्ली-बीकानेर नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी महज 60 मीटर ही रह गई।
फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान बुधवार की तुलना में 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि अगले पांच दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम साफ होने के बाद पारा 5 से 6 डिग्री तक और गिर सकता है।
यातायात पर कोहरे का असर
कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में भी बुधवार रात से ही घना कोहरा छाना शुरू हो गया था। नेशनल हाईवे-48 पर विजिबिलिटी घटकर 100 मीटर तक पहुंच गई।
कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। जयपुर-दिल्ली रूट की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 30 से 40 मिनट देरी से चल रही हैं।
अलवर जिले में भी गुरुवार सुबह हल्का कोहरा देखा गया जिससे विजिबिलिटी 200 मीटर रही। यहां फसलों के पत्तों और घास पर ओस की परत जमी हुई मिली।
एक्सप्रेसवे पर धीमी हुई रफ्तार
दौसा के बांदीकुई इलाके में कोहरा और भी घना रहा और विजिबिलिटी 30 मीटर तक गिर गई। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही।
रेलवे ने कोहरे के बीच ट्रेनों के संचालन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पटरियों पर पटाखे लगाकर और फॉग डिवाइस के जरिए ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
श्रीगंगानगर में बुधवार को अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ के न्यूनतम तापमान के लगभग बराबर रहा।
विभिन्न संभागों की स्थिति
जयपुर और कोटा संभाग में पिछले 24 घंटों के दौरान विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही। बीकानेर और भरतपुर संभाग में भी घना कोहरा छाया रहा।
प्रदेश के कई शहरों में बुधवार को कोल्ड-डे की स्थिति बनी रही। इसमें बीकानेर, बारां, कोटा और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
चूरू, करौली और झुंझुनूं में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सिरोही और पिलानी में भी दिनभर सर्द हवाओं का असर देखा गया।
आम जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। दोपहर में सूरज निकलने पर ही लोगों को थोड़ी बहुत राहत मिल पा रही है।
पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में ठिठुरन बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
कोहरे की वजह से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और लो-बीम लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।
किसानों के लिए भी यह सर्दी चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि कुछ फसलों के लिए ओस फायदेमंद है लेकिन पाला पड़ने का डर सता रहा है।
आने वाले एक हफ्ते तक राजस्थान में मौसम के मिजाज में सुधार के संकेत नहीं हैं। शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचने की विशेष सलाह दी है। अस्पताल में सर्दी-जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रैन बसेरों में व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से रात में बाहर न निकलें।
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