Highlights
सहकारी निरीक्षकों को संरक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का निर्देश; सहकार से समृद्धि के तहत 120 नई पहलों का क्रियान्वयन; उत्कृष्ट कार्य करने वाले निरीक्षकों को सहकार रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए; समितियों को पेट्रोल पंप संचालन जैसे नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध।
जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को एसोसिएशन ऑफ राजस्थान को-ऑपरेटिव सबोर्डिनेट सर्विसेज (ARCSS) द्वारा आयोजित 'सहकार संगम-2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने विभाग के निरीक्षकों को संबोधित किया और उन्हें सहकारिता विभाग की रीढ़ की हड्डी बताया।
मंत्री श्री दक ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सहकारी समितियों को वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप ढालना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि निरीक्षक केवल नियामक की भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि वे सहकारी समितियों के संरक्षक और मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका का विस्तार करें। उन्होंने कहा कि हमें सामूहिक जिम्मेदारी के साथ सहकारी समितियों को सशक्त, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा ताकि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बना सकें।
विकसित भारत में सहकारिता का योगदान
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए श्री दक ने कहा कि 'विकसित भारत' की संकल्पना को साकार करने में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए सहकारिता एक सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र पर काम कर रही है, जिसके तहत लगभग 120 नई पहल की गई हैं। अब सहकारी समितियां केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पेट्रोल पंप चलाने जैसे व्यावसायिक कार्यों में भी उतर सकती हैं।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाना होगा कि वे अपने सदस्यों को लाभांश देने की स्थिति में आ सकें। इसके लिए उन्होंने निरीक्षकों को सहकारी समितियों में होने वाली अनियमितताओं को रोकने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सहकारिता ही किसानों और आम जन का विश्वास जीत सकती है।
संवाद का सशक्त मंच: सहकार संगम
एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चौधरी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 600 से अधिक सहकारी निरीक्षक पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। 'सहकार संगम' जैसे कार्यक्रम अधिकारियों और निरीक्षकों के बीच संवाद का एक बेहतर मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बना सकते हैं।
सम्मान और सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राजकीय सेवा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निरीक्षकों को 'सहकार रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही, संगठन की त्रैमासिक पत्रिका 'सहकार स्तंभ' के कवर पेज का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में बॉलीवुड गायक रवीन्द्र उपाध्याय और विभागीय अधिकारियों के परिजनों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के उच्चाधिकारी, सहकार भारती के पदाधिकारी और प्रदेश भर से आए सहकारी निरीक्षक उपस्थित रहे।
राजनीति