Highlights
- महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में आधिकारिक तौर पर वापसी हो गई है।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद मंजूरी दी।
- मालवीया ने साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामा था।
- उदयलाल आंजना की अध्यक्षता वाली समिति ने वापसी पर सकारात्मक रिपोर्ट सौंपी थी।
जयपुर | राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वागड़ क्षेत्र के कद्दावर नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया की आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में वापसी हो गई है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुहर लगने के बाद राजस्थान कांग्रेस ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
मालवीया ने 11 जनवरी को ही पार्टी में लौटने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने में पार्टी को करीब पांच दिन का समय लगा।

अनुशासन समिति की भूमिका
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को अनुशासन समिति के पास भेजा था। पार्टी की स्थापित प्रक्रिया के तहत इस आवेदन पर विस्तार से विचार किया गया।
शुक्रवार को अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में शकुंतला रावत और विनोद गोठवाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
समिति के सदस्य हाकम अली ने भी मालवीया की वापसी के पहलुओं पर मंथन किया। समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डोटासरा को सौंप दी थी।
वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात
अपनी वापसी से पहले मालवीया ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने जयपुर आकर प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। साथ ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया था।
रंधावा से मुलाकात के दौरान मालवीया ने पार्टी में फिर से सेवा करने की इच्छा जताई। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि वह अब कांग्रेस का हिस्सा हैं।
भविष्य की रणनीति
वागड़ क्षेत्र में मालवीया की मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनकी वापसी से दक्षिणी राजस्थान में कांग्रेस को फिर से मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। आगामी चुनावों के मद्देनजर इसे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
मालवीया ने कहा है कि वह पार्टी की विचारधारा के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने नेतृत्व का आभार जताते हुए नई शुरुआत करने की बात कही है।
बीजेपी में जाने के बाद भी उनके समर्थकों का एक बड़ा वर्ग कांग्रेस के संपर्क में था। अब उनकी वापसी से स्थानीय स्तर पर पार्टी को नया बल मिलेगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी स्थानीय चुनावों में मालवीया की भूमिका काफी अहम होगी। हाईकमान ने उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए ही यह बड़ा फैसला लिया है।
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