Highlights
- राज्य के 14 जिलों में 760 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है।
- सुरक्षा जांच के दौरान कपड़ों के बटन और हाथ का कलावा तक हटाया गया।
- करीब 9.54 लाख अभ्यर्थी 7,759 शिक्षक पदों के लिए दे रहे हैं परीक्षा।
- पेपर लीक रोकने के लिए एसआईटी और बोर्ड ने बनाया अभेद्य सुरक्षा चक्रव्यूह।
जयपुर | राजस्थान में रीट परीक्षा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों को कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का आलम यह है कि अभ्यर्थियों के कोट और स्वेटर के मोटे बटन कैंची से काट दिए गए। कहीं-कहीं हाथ में बंधा रक्षा-सूत्र भी उतरवा लिया गया ताकि किसी भी प्रकार की नकल को रोका जा सके।
मेटल डिटेक्टर से गहन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने खुद सुरक्षा मानकों का जायजा लिया।
परीक्षा के आंकड़े और शेड्यूल
इस साल रीट परीक्षा में लगभग 9.54 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा लेवल 1 और लेवल 2 के कुल 7,759 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 14 जिलों में स्थित 760 केंद्रों पर किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से शुरू हुई और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए सख्त गाइडलाइंस
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में देरी से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र और आधार कार्ड लाना अनिवार्य है। पहचान पत्र पर लगी फोटो 3 साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए और साथ में एक नवीनतम फोटो भी लाएं।
ड्रेस कोड के तहत बड़े बटन या चैन वाले कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। महिला अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के आभूषण जैसे कान की बाली या अंगूठी पहनकर न आने की सलाह दी गई है।
जूते के बजाय पतली सोल वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आना ही अनिवार्य किया गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
नकल रोकने का चक्रव्यूह
बीते सालों में पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए इस बार बोर्ड और एसआईटी ने मिलकर कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सरकार के लिए यह परीक्षा एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रही है।
जयपुर के संवेदनशील केंद्रों पर बोर्ड अध्यक्ष खुद जीरो-ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त है कि केंद्र में प्रवेश से पहले उच्च अधिकारियों की भी सघन तलाशी ली जा रही है।
प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर भी कड़ी नजर रखी है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी न फैले। अभ्यर्थियों को केवल पारदर्शी पेन ही परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति दी गई है।
यह परीक्षा राजस्थान के युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बोर्ड का लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विवाद मुक्त बनाना है।
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