Highlights
- सिरोही मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य पद की रिक्तता हुई समाप्त।
- पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के हस्तक्षेप के बाद राजमेस ने जारी किए आदेश।
- डॉ मलकेश मीणा को सौंपा गया कॉलेज प्राचार्य का अतिरिक्त कार्यभार।
- भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्राचार्य की गिरफ्तारी के बाद खाली था पद।
सिरोही | राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय सिरोही में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्राचार्य पद पर आखिरकार नई नियुक्ति कर दी गई है। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के निदेशक नरेश गोयल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्ति पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के सक्रिय हस्तक्षेप और प्रयासों के बाद संभव हो पाई है।
पिछले दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सिरोही मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ श्रवण मीणा को जयपुर में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद से ही मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य का महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़ा था। प्राचार्य नहीं होने के कारण कॉलेज के शैक्षणिक कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भारी बाधाएं आ रही थीं जिससे छात्र परेशान थे।
संयम लोढ़ा की सक्रियता और राजमेस का निर्णय
मेडिकल कॉलेज में उत्पन्न हुई इन समस्याओं की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने मामले में तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने राजमेस के निदेशक नरेश गोयल से फोन पर विस्तार से चर्चा की और कॉलेज की प्रशासनिक बदहाली पर गहरी नाराजगी जताई। लोढ़ा ने छात्रों और शैक्षणिक स्टाफ के हितों को ध्यान में रखते हुए प्राचार्य पद पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की थी।
राजमेस निदेशक नरेश गोयल ने संयम लोढ़ा को जल्द समाधान का आश्वासन दिया था जिसके बाद शुक्रवार को नए आदेश जारी किए गए। नए आदेशों के अनुसार डॉ मलकेश मीणा को सिरोही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। डॉ मलकेश मीणा वर्तमान में टीबी एंड चेस्ट विभाग में सह आचार्य और अतिरिक्त प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं।
छात्रों और स्टाफ में खुशी की लहर
प्राचार्य पद पर नियुक्ति की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नए प्राचार्य के आने से रुके हुए प्रशासनिक कार्य अब तेजी से गति पकड़ेंगे। अभ्यर्थियों ने इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए पूर्व विधायक संयम लोढ़ा का आभार व्यक्त किया है।
राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि डॉ मलकेश मीणा आगामी आदेशों तक इस पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इस नियुक्ति से कॉलेज के विकास कार्यों और शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार के मामले के बाद कॉलेज की छवि को पुनः स्थापित करना नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
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