Rajasthan: ईआरसीपी को लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकारों के बीच समझौता, ऐतिहासिक निर्णय : सीपी जोशी

ईआरसीपी को लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकारों के बीच समझौता, ऐतिहासिक निर्णय : सीपी जोशी
CP joshi addressing media in jaipur BJP office
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था जो वादा उसे पूरा किया, मोदी गारंटी पर जनता को भरोसा - सीपी जोशी

ईआरसीपी से कृषि उत्पादों में होगी बढ़ोतरी, बढेगी किसानों की आय, मिलेंगे रोजगार के अवसर - सीपी जोशी

ईआरसीपी का मसौदा तय कर योजना को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार - सीपी जोशी

भाजपा की डबल इंजन सरकार में लगातार हो रहें है जनहित के बडे बडे फैसले - सीपी जोशी

जयपुर, 29 जनवरी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने आज प्रदेश कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) में राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकारों में पानी के बंटवारे के समझौते के बाद इस योजना का मसौदा तय होने से एक स्वर्णिम युग का उदय और सर्वांगीण विकास होगा।

इस कार्य के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल , प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच और प्रदेश मीडिया संयोजक प्रमोद वशिष्ठ उपस्थित रहे। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद दोनो सरकारों के बीच समझौता और एक ऐतिहासिक निर्णय हुआ। चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की जनता से जो वादा किया था उसे पूरा किया है।

यही कारण है कि देश की जनता को मोदी की गारंटी पर पूरा भरोसा है। इस समझौते से 20 वर्षों से चल रहे विवाद का खात्मा हुआ। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना (ईआरसीपी) े मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दोनों राज्यों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि नदियों के पानी का सदुपयोग करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ईआरसीपी में पानी के बंटवारे को लेकर समझौता होने से दोनों राज्यों के 26 जिलों को लाभ मिलेगा। प्रदेश में 13 जिलों के लगभग 25 लाख किसान परिवारों को सिंचाई जल मिलेगा।

इस योजना से  राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। जल्दी ही राज्य में 2.80 लाख हैक्टेयर भूमि में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा, साथ ही भूजल स्तर भी बढ़ेगा। ईआरसीपी के तहत आने वाले क्षेत्रों में औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए भी पानी उपलब्ध हो सकेगा जिससे रोजगार के अवसर बढेंगे और कृषि उत्पादन में वृद्धि होने से किसानों की आय भी बढेगी। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने देखा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने जो वादे किए वे वापस चुनाव के समय ही याद आए और उन्हें पूरा करने की कोई योजना भी नहीं बनाई।

ईआरसीपी को लेकर भी कांग्रेस ने सिर्फ राजनीति ही की जो डीपीआर बनाई उससे सिर्फ तीन जिलों को 525 एमसीएम पानी मिलता। अब डबल इंजन सरकार में प्रदेश के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, अजमेर और टोंक में पेयजल उपलब्ध होगा।

ईआरसीपी में सम्मिलित रामगढ़ बैराज, महलपुर बैराज, नवनैरा बैराज, मेज बैराज, राठौड़ बैराज, डूंगरी बांध, रामगढ़ बैराज से डूंगरी बांध तक फीडर तंत्र, ईसरदा बांध का क्षमता वर्धन और पूर्वनिर्मित 26 बांधों का पुनरूद्धार किया जाएगा साथ ही कई बांध भरे जा सकेंगे। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सत्ता में आते ही संकल्प पत्र में जनता से किए गए वादों पर काम करना शुरू किया। संकल्प पत्र में कहा था कि भाजपा की सरकार बनते ही ईआरसीपी हमारी प्राथमिकता होगी। ईआरसीपी पर भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार ने काम शुरु किया था, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने इसे अटकाने का काम किया।

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