सोना-चांदी सस्ता: चांदी ऑल टाइम हाई के बाद ₹784 सस्ती, सोना ₹80 गिरा

चांदी ऑल टाइम हाई के बाद ₹784 सस्ती, सोना ₹80 गिरा
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Highlights

  • चांदी ऑल टाइम हाई के एक दिन बाद ₹784 सस्ती हुई।
  • सोने की कीमत में ₹80 की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
  • इस साल सोना ₹56,232 और चांदी ₹1,14,319 महंगी हुई है।
  • डॉलर कमजोर होना और औद्योगिक मांग सोने-चांदी में तेजी के प्रमुख कारण हैं।

JAIPUR | आज (19 दिसंबर) सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। 10 ग्राम सोना ₹80 सस्ता होकर ₹1,32,394 पर आ गया। वहीं, चांदी ₹784 गिरकर ₹2,00,336 प्रति किलो हो गई, जो कल अपने ऑल टाइम हाई पर थी।

सोने-चांदी की ताजा कीमतें और गिरावट

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत में आज ₹80 की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही सोने का भाव ₹1,32,394 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।

गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,32,474 प्रति 10 ग्राम थी। इससे पहले 15 दिसंबर को सोना ₹1,33,249 के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर था।

वहीं, चांदी के दाम में आज ₹784 की बड़ी गिरावट देखी गई है। अब एक किलो चांदी ₹2,00,336 पर आ गई है।

इससे पहले गुरुवार को चांदी ₹2,01,120 प्रति किलो के अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी।

शहरों में अलग क्यों होते हैं सोने-चांदी के दाम?

IBJA द्वारा जारी सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता है। यही कारण है कि अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के दाम भिन्न होते हैं।

इन IBJA रेट्स का उपयोग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के लिए भी इन्हीं दरों का इस्तेमाल करते हैं।

इस साल कितनी महंगी हुई धातुएं?

इस साल अब तक सोने की कीमत में ₹56,232 की भारी बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,162 का था, जो अब बढ़कर ₹1,32,394 हो गया है।

चांदी का भाव भी इस दौरान ₹1,14,319 बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत ₹86,017 थी, जो अब ₹2,00,336 प्रति किलो हो गई है।

सोने में तेजी के प्रमुख कारण

डॉलर का कमजोर होना

अमेरिका के ब्याज दर घटाने के फैसले से डॉलर कमजोर हुआ है। इससे सोने को रखने की लागत कम हो गई है, जिससे निवेशक इसे खरीदने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

भू-राजनीतिक तनाव

रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया भर में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प मान रहे हैं। अनिश्चितता के समय में सोने की मांग बढ़ जाती है।

रिजर्व बैंकों की खरीदारी

चीन जैसे देश अपने केंद्रीय बैंकों में सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। वे सालभर में 900 टन से ज्यादा सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजार में सोने के दाम ऊपर जा रहे हैं।

चांदी में तेजी के प्रमुख कारण

औद्योगिक मांग में वृद्धि

चांदी का उपयोग अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) जैसे उद्योगों में इसकी भारी मांग है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण कच्चा माल बन गई है।

टैरिफ का डर

अमेरिकी कंपनियों को संभावित टैरिफ बढ़ने का डर है। इस वजह से वे चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति में कमी आई है और कीमतें बढ़ी हैं।

विनिर्माताओं में होड़

उत्पादन रुकने के डर से विनिर्माता पहले से ही चांदी खरीद रहे हैं। इस होड़ के कारण आने वाले महीनों में भी चांदी की कीमतों में तेजी बनी रहने की संभावना है।

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह हॉलमार्क सोने की शुद्धता को दर्शाता है, जैसे AZ4524।
  2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई विश्वसनीय स्रोतों, जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट, से क्रॉस चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं।

शहरों में सोने के अलग दाम होने की 4 मुख्य वजहें

  1. ट्रांसपोर्टेशन के खर्चे: सोना एक भौतिक वस्तु है, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में खर्च आता है। इसमें हवाई जहाज से आयात, अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाना, ईंधन, सुरक्षा और स्टाफ का खर्च शामिल होता है।
  2. सोने की खरीदारी की मात्रा: सोने की मांग शहर और राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है। दक्षिण भारत में देश की कुल सोने की खपत का लगभग 40% हिस्सा है। यहां विक्रेता थोक में सोना खरीदते हैं, जिससे दाम कम होते हैं, जबकि टियर-2 शहरों में दाम अधिक होते हैं।
  3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: तमिलनाडु जैसे राज्यों में सोने का रेट ज्वेलर्स एंड डायमंड ट्रेडर्स एसोसिएशन तय करता है। इसी तरह, देश भर में कई स्थानीय एसोसिएशन हैं जो सोने के दाम निर्धारित करते हैं।
  4. सोने का खरीद मूल्य: यह सबसे बड़ा कारक है जो अलग-अलग शहरों में सोने के रेट्स को प्रभावित करता है। जिन ज्वेलर्स ने स्टॉक सस्ते में खरीदा होता है, वे ग्राहकों को कम रेट पर सोना बेच सकते हैं।

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