चित्तौड़गढ़ : चित्तौड़गढ़ के कन्नौज में युवक की मौत के बाद भारी तनाव बाजार बंद और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन

चित्तौड़गढ़ के कन्नौज में युवक की मौत के बाद भारी तनाव बाजार बंद और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन
symbolic image
Ad

Highlights

  • 27 दिसंबर को हुई मारपीट में घायल दुर्गेश रेगर ने उदयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा।
  • युवक की मौत की खबर मिलते ही कन्नौज गांव के बाजार पूरी तरह बंद कर दिए गए।
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने चौराहे पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की।
  • स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

चित्तौड़गढ़ | राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भदेसर क्षेत्र के कन्नौज गांव में पिछले कई दिनों से बना तनाव अब एक युवक की मौत के बाद हिंसक विरोध में बदल गया है। 27 दिसंबर को एक मामूली बात पर हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए दुर्गेश रेगर ने गुरुवार को उदयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची वहां आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार को स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई जिसके कारण कन्नौज गांव के सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। स्थानीय लोगों ने मुख्य चौराहे पर टायर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मृतक के परिजन और ग्रामीण अब पीड़ित परिवार के लिए सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।

विवाद की मुख्य वजह

यह पूरा मामला एक साधारण पारिवारिक झगड़े से शुरू हुआ था जिसने देखते ही देखते बड़ा हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार 27 दिसंबर को दुर्गेश रेगर के घर में आपसी कलह हो रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली शकील की मां बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंची थीं। धक्का-मुक्की के दौरान उन्हें मामूली चोट लग गई जिसकी जानकारी शकील को दी गई। शकील को जैसे ही पता चला कि उसकी मां के साथ मारपीट हुई है वह गुस्से में अपने चार से पांच साथियों के साथ दुर्गेश के घर पहुंच गया। वहां इन लोगों ने दुर्गेश पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया था।

गांव में पुलिस का कड़ा पहरा

युवक की मौत के बाद गांव में माहौल को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भदेसर डिप्टी और एसडीएम स्वयं मौके पर मौजूद हैं और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लाइन और आसपास के थानों से अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए परिजनों की नामजद रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में भी लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

मुआवजे और न्याय की मांग

मृतक दुर्गेश के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। शुक्रवार सुबह से ही आसपास के गांवों से लोग कन्नौज पहुंचने लगे हैं जिससे वहां भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आपसी सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Must Read: पुलिस को जगाया तो पत्रकार विवेक श्रीवास्तव पर प्रकरण दर्ज 

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :