Highlights
- 31 दिसंबर को राजस्थान के 11 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- 1 जनवरी को जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की वर्षा होने की संभावना है।
- पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आएगी।
- घने कोहरे के कारण कई शहरों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
जयपुर | राजस्थान में साल के अंतिम दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसके प्रभाव से राजस्थान के 11 जिलों में वर्षा की प्रबल संभावना बनी हुई है। वर्तमान में राज्य के कई शहर घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी की चपेट में हैं। मंगलवार सुबह भी अलवर और सीकर जैसे क्षेत्रों में भारी धुंध देखी गई जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ का राजस्थान पर प्रभाव
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने जानकारी दी है कि एक नया सिस्टम सक्रिय होने वाला है। इस स्ट्रॉन्ग पश्चिमी विक्षोभ के असर से 31 दिसंबर को बीकानेर, जोधपुर और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही शेखावाटी के जिलों में भी बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। नए साल के जश्न की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है क्योंकि खुले मैदानों में आयोजित होने वाली पार्टियों में बारिश खलल डाल सकती है।
1 जनवरी को भी मौसम का यही हाल रहने वाला है। विभाग के अनुसार नए साल के पहले दिन जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 1 जनवरी की शाम से प्रदेश में एक बार फिर घना कोहरा छाने की संभावना है। यह कोहरा आने वाले कुछ दिनों तक बना रह सकता है जिससे कड़ाके की ठंड और बढ़ेगी। सर्द हवाओं के चलने से गलन बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।
तापमान में गिरावट और शीतलहर की स्थिति
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के उत्तर पूर्वी हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और बादलों की वजह से धूप काफी कमजोर रही जिससे दिन के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अलवर, हनुमानगढ़ और करौली जैसे जिलों में दिन का अधिकतम पारा 20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। करौली में सोमवार को सबसे ज्यादा ठंड रही जहां अधिकतम तापमान केवल 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विभिन्न शहरों के तापमान पर नजर डालें तो अजमेर में अधिकतम 25 और न्यूनतम 9.7 डिग्री सेल्सियस रहा। भीलवाड़ा में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा जबकि टोंक के वनस्थली में यह 5.1 डिग्री तक गिर गया। अलवर में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो काफी कम है। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 25.1 और न्यूनतम 9.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शेखावाटी के इलाकों जैसे पिलानी में 6 और सीकर में 5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।
कोहरे से दृश्यता हुई कम
कोहरे का सबसे ज्यादा असर अलवर, भरतपुर और शेखावाटी के क्षेत्रों में देखा जा रहा है। मंगलवार सुबह अलवर शहर के पास स्थित बाला किला से पूरा शहर कोहरे की चादर में ढका हुआ नजर आया। कई इलाकों में दृश्यता यानी विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है। इसके चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है और लंबी दूरी की ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 12.6, जैसलमेर में 10.4 और जोधपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में यह 12.8 डिग्री रहा। चूरू में न्यूनतम तापमान 6.3 और श्रीगंगानगर में 8.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं फतेहपुर में तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है जो प्रदेश के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है। दौसा और पाली में भी न्यूनतम तापमान क्रमशः 4.5 और 5.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का कहना है कि 31 दिसंबर को शुरू होने वाली बारिश की गतिविधियों के बाद उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं का असर बढ़ेगा। इससे जनवरी के पहले सप्ताह में पूरे राजस्थान में शीतलहर चलने की संभावना है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को पाले से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। विशेष रूप से सरसों और चने की फसल को इस मौसम में अधिक देखभाल की जरूरत होती है।
पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जैसलमेर और उदयपुर जैसे शहरों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना में सावधानी बरतनी होगी। कोहरे के कारण हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही घर से बाहर निकलें और गर्म कपड़ों का उचित उपयोग करें।
आने वाले दिनों में बारां, जालौर और सिरोही जैसे जिलों में भी तापमान में कमी आने के संकेत हैं। प्रतापगढ़ और झुंझुनूं में भी रातें और सर्द होने वाली हैं। कुल मिलाकर राजस्थान के निवासियों को अब कड़ाके की ठंड और बारिश के दोहरे वार के लिए तैयार रहना होगा। 1 जनवरी के बाद कोहरा और अधिक सघन होने की उम्मीद है जिससे सुबह के समय यातायात में बड़ी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
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