thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
जालोर

लोढ़ा का आरोप: नगरपालिकाओं में प्रशासक लगाने का षडयंत्र

thinQ360

नागरिकों के लिए यह दो तरह के खतरे उत्पन्न कर रहा हैं। पहला, यह इन 52 नगरपालिकाओं का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यहां प्रशासक लगाए जाएंगे

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • संयम लोढ़ा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 2019 में 52 नगरपालिकाओं के संबंध में निर्वाचक नामावली के गठन की प्रक्रिया को सितंबर 2019 में शुरू कर दिया था लेकिन 5 वर्ष पूर्ण होने आए हैं, नवम्बर में पिछले बोर्डो का कार्यकाल पूरा हो रहा हैं,अभी तक राजस्थान का निर्वाचन आयोग खामोशी धारण किए हुए हैं। 
former mla sought intervention from the governor

सिरोही/जयपुर। राजस्थान में 2019 में हुए 52 नगरपालिकाओं एवं निगमों के चुनाव के 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नही करने को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्यपाल राजस्थान से इस संबंध में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया हैं।

लोढ़ा ने राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष मधुकर गुप्ता एवं स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव से फोन पर बातचीत कर इस संबंध में आग्रह किया कि वे चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करें एवं चुनाव प्रक्रिया को शुरु करने का पथ प्रशस्त करें।

राज्य निर्वाचन आयोग ने 2019 में इन 52 नगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर निर्वाचन नामावली को त्रुटि रहित करने के लिए सितंबर 2019 में यह आदेश जारी कर दिए थे जबकि अभी अक्टूबर 2024 आ चुका हैं लेकिन अभी तक निर्वाचन आयोग ने किसी भी तरह की कोई सूचना जारी नहीं की हैं।

इसी तरह चुनाव की अधिसूचना 1 नवम्बर को जारी कर दी गई थी लेकिन अभी तक इसके दूर दूर तक कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। राज्य सरकार ने बजट में एक राज्य एक चुनाव की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक इसके लिए कोई  कार्यवाही शुरू नहीं की इससे लोगों के संविधान खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा हैं। 

संयम लोढ़ा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 2019 में 52 नगरपालिकाओं के संबंध में निर्वाचक नामावली के गठन की प्रक्रिया को सितंबर 2019 में शुरू कर दिया था लेकिन 5 वर्ष पूर्ण होने आए हैं, नवम्बर में पिछले बोर्डो का कार्यकाल पूरा हो रहा हैं,अभी तक राजस्थान का निर्वाचन आयोग खामोशी धारण किए हुए हैं। 

नागरिकों के लिए यह दो तरह के खतरे उत्पन्न कर रहा हैं। पहला, यह इन 52 नगरपालिकाओं का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यहां प्रशासक लगाए जाएंगे जिससे संवैधानिक प्रावधानों को खत्म किया जा सकें। दूसरा, चुनाव नीयत समय पर न करवाना भी मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करना हैं। 

संवैधानिक इकाई के रूप में चुनी हुई नगरपालिकाओं को कमज़ोर करने का एक साफ षडयंत्र दिखाई पड़ता हैं। 

लोढ़ा ने इस संबंध में महामहिम राज्यपाल से निवेदन हैं कि वे संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संबंधित नगरपालिकाओं के चुनाव करवाए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

शेयर करें: