माउंट आबू में पर्यावरण की तबाही: माउंट आबू इको सेंसिटिव जोन में नियमों की धज्जियां, सैकड़ों पेड़ कटे और चट्टानें तोड़ी गईं

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Highlights

• स्काउट ग्राउंड के पास सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई की गई।

• भव्य इमारत बनाने के लिए टनों वजनी चट्टानों को तोड़ा गया।

• सैटेलाइट तस्वीरों ने प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी।

• इको सेंसिटिव जोन के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

माउंट आबू | राजस्थान के मशहूर पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में इन दिनों पर्यावरण के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। यहां के इको सेंसिटिव जोन में नियमों को ताक पर रखकर सैकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं। स्काउट ग्राउंड के पास प्रभावशाली लोगों द्वारा बड़ी-बड़ी चट्टानें तोड़कर रास्ता बनाया जा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह सब खुलेआम हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारी आम जनता को घर की मरम्मत के लिए भी परेशान करते हैं। लेकिन बड़े भू-माफियाओं के लिए नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है।

सैटेलाइट से मिली तस्वीरों ने इस अवैध गतिविधि की पूरी सच्चाई बयां कर दी है। साल 2024 तक जहां घने पेड़ और हरियाली थी, वहां अब सिर्फ कटी हुई चट्टानें और मलबा नजर आ रहा है। नियमों के अनुसार 20 डिग्री से ज्यादा ढलान वाली जमीन पर निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। मगर इस विवादित जगह का ग्रेडिएंट 60 डिग्री से भी अधिक है, फिर भी यहां बेसमेंट खोदा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और नोडल प्रभारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने इस मामले में माइनिंग विभाग और उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

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